दूध उत्पादक संघ पर 12 करोड़ बकाया, संपत्ति बेचकर भुगतान करें : मेंढे

भंडारा. जिला दुग्ध उत्पादक संघ की ओर दूध के 12 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है. इस राशि को संघ की ओर से तत्काल भुगतान करना चाहिए. संघ ने उनकी मालकियत संपत्ति बेचेकर निधि देना चाहिए. ऐसे निर्देश सांसद सुनील मेंढे ने जिलाधिकारी की उपस्थिति में आयोजित बैठक में जिला दूध संघ के पदाधिकारियों को दिए. प्रादेशिक दुग्ध शाला अधिकारी क्षीरसागर ने भी इस विषय पर ध्यान देकर पैसे मिलने की दृष्टि से प्रयास करना चाहिए.

जिले में खेती के साथ-साथ दूध का व्यवसाय किया जा रहा है. जिले के हजारों दुग्ध उत्पादक विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से जिला दूध संघ को दूध की आपूर्ति करते है. संस्था को प्रति सप्ताह में खरीदी किए गए दूध के पैसे मिलना अपेक्षित है. पैसे ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को संस्था के माध्यम से दिए जाते हैं.

हालांकि इस दूध उत्पादक किसानों के लगभग 12 से 13 करोड़  दुग्ध संघ की ओर बकाया है. जिससे दूध उत्पादक समस्या में आए है. इस बारे में दुग्ध उत्पादक सहकारी संस्था के माध्यम से संघ की ओर बार-बार मांग की गई, किंतु संघ ने समस्या में होने का कारण बताकर दूध उत्पादकों को लगातार गुमराह किया है. इसलिए इस मांग को लेकर दुग्ध सहकारी संस्था के पदाधिकारी एवं दूध उत्पादक किसानों ने कुछ दिनों पूर्व सांसद सुनील मेंढे से चर्चा की थी.

सांसद व जिलाधिकारी की उपस्थिति में हुई बैठक

इस चर्चा के बाद सांसद व जिलाधिकारी की उपस्थिति में बैठक ली. जिलाधिकारी कार्यालय में सांसद सुनील मेंढे सहित जिलाधिकारी संदीप कदम, दुग्ध संघ के अध्यक्ष रामदास चौधरी, प्रादेशिक दुग्ध शाला अधिकारी क्षीरसागर, जिला दुग्ध शाला अधिकारी लाखे, पूर्व विधायक चरण वाघमारे, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पडोले, संस्था के प्रतिनिधि शिवराम गिरेपुंजे की उपस्थिति में बैठक हुई.

इस बीच बकाया होनेवाले दुग्ध उत्पादकों के पैसों को लेकर चर्चा की गई. इसमें सांसद सुनील मेंढे ने संघ के अध्यक्ष को निर्देश देते हुए कहां कि यदि दूध संघ की स्थिति दयनीय होगी तो संघ ने अपनी संपत्ति को बेचकर बकाया पैसे देने चाहिए. इस बैठक के बाद संघ व्यवस्थापन एवं दूध संस्था के प्रतिनिधियों में बैठक हुई. बैठक में सकारात्मक चर्चाएं हुई.