25 हजार सेवकों को मिला ग्राम रोजगार

भंडारा (का). महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत ग्राम स्तर पर काम को अच्छी तरह से करने के लिए मंजूर किए गए अभिलेख तथा पंजीयन पुस्तिका के लिए पंजीयन कार्य हेतु 25 हजार, 258 ग्राम रोजगार सेवकों की नियुक्ति की गई है. इन ग्राम रोजगार सेवकों को ग्राम पंचायत की ओर से मानधन वितरित की जाएगी. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार निर्माण के लिए ग्राम रोजगारसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी.

रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले मजदूरों को द्वारा किए गए कार्यों का पंजीयन तथा मिलने वाली मंजूरी की उपस्थिति बुक तैयार करके मजदूरों के खाते में जमा करने की जिम्मेदारी दी गई है.

राज्य में 25 हजार, 258 ग्राम रोजगारसेवकों में नागपुर संभाग में 3409, अमरावती विभाग में 4000, औरंगाबाद विभाग में 6344, नाशिक विभाग में 4861, कोकण विभाग में 2645, पुणे विभाग में 3996 ग्रामरोजगार सेवक हैं. इन ग्रामसेवकों को नए मानधन वितरण प्रणाली के आधार पर मानधन की सुविधा उपलब्ध करायी गई है. राज्य में 28 हजार, 642 ग्राम पंचायत की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण योजना गारंटी योजना का अमल ग्रामस्तर पर अभिलेख तथा पंजीयन पुस्तिका बनाने का काम किया जा रहा है. इस योजना को अमल में लाने के लिए ग्रामरोजगार सेवकों की नियुक्ति की जाती है. राज्य में 25,258 ग्राम रोजगार सेवकों को मानधन के आधार पर नियुक्ति की गई. इनको मानधन के रूप में 48 करोड़, 93 लाख रूपए वितरित किए जाते हैं, ग्राम रोजगारसेवकों को मानधन के रूप में 1 लाख, 90 हजार रूपए से भी ज्यादा धनराशि प्रदान की गयी.