32 हजार पशुधन को मिला समर्थन, विभाग ने दी जानकारी

लाखांदूर (सं). सरकार के राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत लाखांदूर तहसील के लगभग 32 हजार पशुधन ऑनलाइन पंजीकृत एवं जानवरों को बैज लगाकर समर्थन दिया गया. यह जानकारी लाखांदूर के पशुधन विभाग के तहत दी गई है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार लाखांदूर तहसील में जिप के पशुधन विभाग के अंतर्गत 8 पशु चिकित्सालय और एक मोबाइल पशु चिकित्सालय है. राज्यों में 2 पशु अस्पताल अस्तित्व में है. इस अनुसार जिप के पशुधन विभाग के तहत पशु चिकित्सालय अस्पताल में बेलाटी, चप्राड,  रोहणी, भागड़ी, पारडी, बारव्हा, सरांडी (बू) व विरली (बू) व एक मोबाइल पशु चिकित्सालय का समावेश है. 

पंजीकरण से खरीदी-बिक्री में आसानी

वहीं राज्य के तहत लाखांदूर व दिघोरी मोठी में पशु चिकित्सालय है. तदनुसार पशुधन की शाश्वत पहचान, खरीदी व बिक्री की प्रक्रिया में बाधा सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं के तहत पशुधन दुर्घटनाएं आदि का लाभ पशुपालकों को होने के लिए सरकार के राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आधार पंजीकृत किया गया है.

यहां के पशुधन विकास अधिकारी डा. सोनकुसरे ने जानकारी दी कि सदर पंजीकृत के तहत तहसील में लगभग 32 हजार 100 पशुधनों को पंजीकृत किया गया है. इस बीच सदर पंजीकरण के कारण पशुधन खरीदना व बेचना सुविधाजनक होगा. यदि कोई जानवर पंजीकृत नहीं दिखाई देता है, तो एक डर है कि संबंधित जानवर चोरी हो जाएगा. इस कारण यह कहा गया है कि पशुपालकों को पशु आधार पंजीकृत करना अनिवार्य है.