Lampi Skin
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  • इलाज के लिए शिविरों का आयोजन

लाखांदूर. तहसील के पशुचिकित्सा केंद्र, लघु पशु चिकित्सालय व घूमते फिरते पशु चिकित्सालय पथकों के क्षेत्र के अंतर्गत गांव के लगभग 500 पशु लंपी रोग से ग्रस्त हैं. जानकारी लाखांदूर के पशुधन विभाग के सहायक पशुधन आयुक्त कार्यालय के माध्यम से दी गई है. पिछले कुछ महीने से लाखांदूर तहसील के गाय तथा भैंस के शरीर पर गांठें दिखायी दे रही हैं. बाद में जब उक्त जानवरों की जांच कराई गई तो पता चला कि वह लम्पी रोग से ग्रस्त हैं.

समय पर नहीं होता इलाज
पशु चिकित्सालय केंद्र अंतर्गत सभी गांवों में गाय, भैंस के इलाज के लिए शिविरों का निर्माण किया गया है. शिविरों में गाय व भैंस वर्ग के पशुओं का उपचार किया गया. लाखांदूर तहसील में बोलाटी, बिरली बु, भागड़ी, सरांडी बु, रोहिणी, चप्राड, पारडी, बारव्हा व घूमते-फिरते पशु चिकित्सालय को मिलाकर 9 केंद्र हैं. सभी केंद्रों में लंपी बीमारी से ग्रस्त पशुओं का उपचार जारी है.

लम्पी बीमारी होने पर गाय या भैंस दोनों में इच्छा समाप्त हो जाती है. कम खाने या कुछ भी नहीं खाने की स्थिति में इन पशुओं में दूध देने की क्षमता भी कम हो जाती है. 4 वर्षों से पशु वैधकीय अधिकारी का पद रिक्त है. पालतू पशुओं के बीमार होने की स्थिति में इलाज नहीं हो पाता. ऐसे में लंपी रोग से ग्रस्त पशुओं का इलाज करना पशुधन विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.