जिले के 63 जलाशय लबालब, जोरदार बारिश से जलस्तर बढ़ा

भंडारा. भंडारा के सिंचाई विभाग अंतर्गत स्थित 63 मध्यम, लघु, पुराने, मालगुजारी प्रकल्पों में अब तक 83.85 प्रश जल भंडारण होने की जानकारी मिली है. जलभंडारण पिछले वर्ष की तुलना में 2.57 कम है. 2018 में इसी कालावधि में 64.79 प्रश जल भंडारण था. जिले में अगस्त के अंतिम सप्ताह में दमदार वर्षा होने की वजह से नदी, नालों का जलस्तर बढ़ गया. इसके बाद सितंबर में औसतन वर्षा होने से जिले की सभी जल परियोजनाओं में अच्छा खासा जल संग्रह हो गया है.

जिले की 63 जल परियोजनाओं में पर्याप्त जल भंडारण है. जिले में लघु सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत 4 मध्यम परिजोयना है. इनमें तुमसर जिले क चांदपुर, बघेडा, मोहाड़ी तहसील में स्थित बेटेकर बोथली व सोरणा परिजोयना का समावेश है.

चांदपुर परियोजना में 98.92 प्रश पानी
26 सितंबर को चांदपुर परियोजना मध्यम परियोजना में 98.92 प्रश, बघेडा में 75.76 प्रश, बेटेकर बोथली में 78.36 तो सोरणा जलाशय में 33.74 प्रश जल भंडारण है. जिले में 31 लघु जल परियोजनाएं हैं. पुराने मालगुजारी तालाबों की संख्या 28 है. वर्तमान में 31 लघु परियोजना में 83.40 प्रश जल भंडारण है. पुराने मालगुजारी तालाबों में जल स्तर 81.21 प्रश है. इस वर्ष अगस्त के अंतिम सप्ताह में जिले में वर्षा ने दस्तक दी. इस वजह से जुलाई में जल परियोजना में जल स्तर बहुत अच्छा हो गया.

मामा तालाबों की दयनीय अवस्था
वर्तमान में उच्च कोटि के धान के लिए अच्छी वर्षा की जरूरत है. इस वजह से लघु सिंचाई विभाग की जल परियोजना का पानी धान की फसल के लिए संजीवनी बूटी साबित होगा. अधिकांश पूर्व मालगुजारी तालाबों की देखभाल, मरम्मत की ओर ध्यान नहीं देने के कारण इन तालाबों ने व्यर्थ बह रहा है. आने वाले वर्ष में मामा जलाशय की मरम्मत करने की जोरदार मांग की जा रही है.