जिप की 7 स्कूलें होंगी विकसित, हर तहसील में बनेगा आदर्श विद्यालय

भंडारा. शिक्षा के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास के लिए स्कूलों में शारीरिक सुविधाओं, शैक्षिक गुणवत्ता व प्रशासनिक मामलों को शामिल करना, प्रतिस्पर्धात्मक युग में बच्चों का शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास तथा विभिन्न विषयों के अध्ययन के साथ विभिन्न नेतृत्व गुणों का विकास आदि प्रशासनीक बातों का समावेश कर इसके माध्यम से प्रत्येक तहसील में एक आदर्श विद्यालय का निर्माण करना सरकार की नीति है.

तदनुसार जिले के कुल 7 जिप. उच्च प्राथमिक स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित किया जाएगा. इसमें भंडारा तहसील के जिप. उच्च प्राथमिक स्कूल डव्वा, लाखांदुर तहसील की जिप. उच्च प्राथमिक स्कूल लाखांदुर, लाखनी की जिप. उच्च प्राथमिक स्कूल मांगली, मोहाड़ी की जिप. उच्च प्राथमिक स्कूल खमारी बूटी, पवनी के जिप. उच्च प्राथमिक स्कूल वाही, साकोली की जिप. उच्च प्राथमिक स्कूल शिवणीबांध तथा तुमसर की उच्च प्राथमिक स्कूल देवनारा इन सभी तहसील की 1 ऐसी 7 जिप. स्कूल आदर्श स्कूल के रूप में विकसित किए जाएंगे.

विद्यार्थियों का होगा चौतरफा विकास

इन स्कूलों को सभी सरकारी, जिला व गांव की योजनाओं को मिलाकर विकसित किया जाएगा. आदर्श स्कूल निर्माण में 3 महत्व के हिस्सें रहेंगे. इसमें भौतिक सुविधा, शैक्षिक गुणवत्ता तथा प्रशासकीय बातों का समावेश रहेगा. भौतिक सुविधाओं में स्वतंत्र शौचालय, पीने के पानी की व्यवस्था, सुस्थिति में होनेवाली कक्षा, आकर्षक इमारत, खेल मैदान, क्रीड़ा साहित्य, आईसीटी लैब, ग्रंथालय जैसे भौतिक सुविधाओं का समावेश रहेगा.

शैक्षिक गुणवत्ता में छात्रों को पढ़ाने के लिए एक उत्कृष्ट शैक्षिक पोशक वातावरण होगा. छात्रों के लिए प्राथमिक स्तर पर भाषा व गणित विषय की मूल अवधारणा होना अनिवार्य होगा जिसमें पढ़ना, लिखना व गणित की गतिविधियों को शामिल किया जाएगा. स्कूल के ग्रंथालयों में किताबें, संदर्भग्रंथ, इनसायकोपिड़िया उपलब्ध रहेगी. आदर्श स्कूल के माध्यम से हर शनिवार बैकपैक मुक्त विद्यालय उपक्रम चलाया जाएगा. छात्रों में खेल, भाषण, लेखन, अभिनय, गायन व अन्य विषयों तथा अन्य क्षेत्र कौशल में दक्षता विकसित की जाएगी. 

अन्य स्कूलों के लिए बनेंगे मॉडल

राज्य के हर तहसील में एक मॉडल स्कूल स्थापित किया जाएगा. इस अवधारणा के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पंजीकृत स्कूल परिसर, आसपास के अन्य स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों को लाभ दे सकता है. इन स्कूलों की गुणवत्ता बच्चों के शैक्षिक विकास, पढ़ने की गति, उनके समाजीकरण, उनके सभी व्यक्तित्व विकास को देखकर अन्य स्कूलों के छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों के लिए एक प्रेरणादायक स्कूल के रूप में खड़ी होगी. 

शिक्षकों को अद्यतन करना आवश्यक 

शिक्षा के क्षेत्र में नई अवधारणा व प्रौद्योगिकियों को पेश किया जा रहा है. आज भी अधिकांश शिक्षक पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को अपनाते है. इसके कारण शिक्षकों के लिए नए तकनीकी ज्ञान की जानकारी होना आवश्यक हो गया है.