There should be only one policy on lockdown

भंडारा. वैश्विक महामारी कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन को तीन माह से ज्यादा का समय व्यतीत हो गया है. इन तीन माह में सभी क्षेत्रों से जुड़े लोगों, व्यापारियों, किसानों, शिक्षकों पर प्रतिकूल असर पर पड़ा है. तीन माह से सभी क्षेत्रों में व्यापारिक गतविधियां ठप रही है. अब धीरे धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं.

शुरू हुई गतिविधियां
हालांकि 8 जून से अधिकांश क्षेत्रों में गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं. 90 दिनों में यानि 25 मार्च से 25 मई तक की समयावधि में हर शहर में कोरोना का कहर देखने को मिला. बीते 90 दिनों में हर किसी को कोरोना के प्रति जागरूक किया गया है और कहा गया है कि कोरोना से बचना है तो क्या-क्या करना होगा. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत अन्य छोटे बड़े शहरों, जिसमें भंडारा भी शामिल है, कोरोना के मरीजों की संख्या में वृद्धि होती चली गई. 

75 तक पहुंचा आंकड़ा
जिस भंडारा में कोरोना का एक भी मरीज नहीं था, वहां का आकड़ा 75 तक पहुंचा. लॉकडाउन के सभी चरणों में भंडारा में कोरोना को लेकर उतनी दहशत नहीं थी जितनी अभी देखी जा रही है. कहा जा रहा है कि अगले माह जुलाई मैं कोरोना का कहर और ज्यादा बढ़ने के आसार हैं.