बाल वाचनालय अपके द्वार पर

  • .स्कूल बंद पर घर-घर हो रही शिक्षा
  • .जिप डिजिटल प्रा. शाला पालांदूर का लॉकडाऊन उपक्रम

पालांदूर(सं). जिला परिषद डिजिटल प्राथमिक शाला पालांदूर एक उपक्रमशील शाला है. इस शाला में सदैव नए-नए उपक्रम किए जाते हैं. विद्यार्थियों में पढ़ने के प्रति रूचि उत्पन्न हो, उनके ज्ञान में वृद्धि हो, इसके लिए स्कूल में  डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम बाल वाचनालय का शुभारंभ किया गया है. इसके अंतर्गत 700  पुस्तकों का संग्रह है. कोरोना के फैलाव के दौर में शाला बंद है.

पढ़ना किसी भी समाज की प्रगति का सूचक है तथा सर्वांगीण विकास का आधार स्तंभ भी है, ऐसे में विद्यार्थियों के वाचन कार्य में रुकावट न आए, इसके लिए स्कूलों के शिक्षकों को स्कूल बंद, शिक्षा शुरु  उपक्रम के अतंर्गत बाल वाचनालय आपके द्वार उपक्रम शुरु किया गया है. इस अभियान के  अंतर्गत शाला के शिक्षक, विद्यार्थियों के धर तक  पर्यंत जाकर बालवाचन की कहानी, महापुरुषों के चरित्र,  गाने,विज्ञान, पर्यावरण, कोडे, प्रकृति, विषयानुरुप भाषणा जैसे विषयों पर पठनीय पुस्तकें पहुंचाने काम किए हैं. इस कारण विद्यार्थी तथा पालक नियमित पढ़ने की  प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है. बाल वाचनालय की पुस्तकों का उपयोग विद्यार्थियों के माता-पिता, दादा-दादी कर रहे हैं, इस वजह से उनमें भी वाचन के प्रति रूचि बढ़ रही है. शाला के इस उपक्रम का पालकों की ओर से सराहना की जा रही है. उपक्रम को सफल बनाने के लिए मुख्याध्यापक सुरेश कापसे, कंचन राठौड (अध्यक्ष शाला व्यवस्थापन समिति),विठोबा थेर , सविता खंडाईत, रसेश कुमार फटे (सहायक शिक्षक) अथक प्रयत्न कर रहे हैं.