ग्रामपंचायत अड्याल : जयश्री कुंभलकर सरपंच पद पर कायम

पवनी. जब तक गांव वाले ग्रामसभा में मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाते, तब तक मैं सरपंच पद पर बना रहूंगा, ऐसी बात ग्रामपंचायत अड्याल की सरपंच सौ जयश्री महेश कुंभलकर ने पत्रकार परिषद में व्यक्त की, ऐसा लिखित प्रमाण का माध्यम से उन्होंने सूचित किया है. कुछ दिनों पूर्व ग्राम पंचायत अड्याल में सभी ग्राम पंचायत  सदस्यों ने सरपंच कुंभलकर के खिलाफ अविश्वास लाया था, लेकिन जब तक गांववाले मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाते तो सरपंच के रूप मैं कामकाज देख सकती हूं. यह जानकारी अड्याल के लोगों तथा ग्रामपंचायत के सभी सदस्य तथा कर्मचारियों को हो, इसके लिए यह संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें सरपंच कुंभलकर  ने उक्त जानकारी दी.

महाराष्ट्र ग्राम पंचायत की धारा के अनुसार 19 अक्टूबर, 2020 को ग्रामपंचायत की सरपंच के खिलाफ अविश्वास लाया  और धारा 35(3) के अनुसार अगर ऐसा अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया. वह जिलाधिकारी द्वारा प्रयोजनार्थ नियुक्त किए गए अधिकारियों के समक्ष और अध्यक्षता में विशेष ग्रामसभा में गुप्त मतदान के माध्यम से अविश्वास प्रस्ताव को सहमति प्रदान की होगी तो सरपंच और इस पद के सभी अधिकार वापर करने तथा उनके कार्य तथा कर्तव्य निभाने का काम तुरंत रोक देंगी, ऐसी बात लिखी है.

अब जब इस बात का महत्व खत्म हो गया है और ग्रामविकास विभागा का पत्र 28 अक्टूबर, 2020 के तहत सीधे निर्वाचित सरपंच इस बारे में अविश्वास प्रस्ताव के संदर्भ की धारा (35) के उप धारा (1) के तहत विशेष ग्रामसभा को मंजूरी देना आवश्यक होने के बारे में स्पष्ट होने के कारण 19 अक्टूबर, 2020 को सरपंच के खिलाफ पारित किए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद जिलाधिकारी ने इस प्रयोजन के लिए नियुक्त किए गए अधिकारियों के समक्ष तथा उनकी अध्यक्षता में हुई विशेष ग्रामसभा के समक्ष गुप्त मतदान के माध्यम से उस अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी देने पर सरपंच तथा उस पद के सभी अधिकारों का उपयोग तथा उनके कार्य तथा कर्तव्य पर कार्रवाई को तुरंत रोक दिया जाएगा. गांव में अनेक समस्याएं हैं, उन्हें दूर करने के लिए अब ग्रामपंचायत प्रशासन तत्काल सक्रीय होकर, उसे दूर करें, ऐसी मांग गांव वालों की ओर से की जा रही है.