Bhandara Hospital Fire

  • गुरूवार रात में भयानक होता हादसा

भंडारा. भंडारा जिला अस्पताल के शिशु केयर युनीट अग्निकांड में 7 शिशुओं को सही सलामत बाहर निकालने में भंडारा फायर बिग्रेड की टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी. रात 1.59 को फोन करने के बाद केवल 7 मिनट में ही टीम अस्पताल परिसर में पहुंची. अब एक बाद सामने निकलकर आ रही है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री ठाकरे के दौरे के लिए भंडारा फायर बिग्रेड की टीम को एक दिन पूरे याने गुरूवार रात में गोसीखुर्द में तैनात किया गया था. याने अग्निकांड की घटना एक दिन पूर्व घटती तो हादसे काफी गंभीर हो सकता था, क्योंकि फायर बिग्रेड की टीम फोन लगाने के बाद पहुंच ही नहीं सकती थी.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के शुक्रवार को आयोजित दौरे पर एक दिन पूर्व गुरूवार में मुहर लगी. झेड प्लस सुरक्षा व्यवस्था में फायर बिग्रेड टीम यह महत्वपूर्ण अंग होती है. जिससे जिला प्रशासन द्वारा आदेश मिलते ही सुरक्षा व्यवस्था तामझाम के अनुसार भंडारा फायर बिग्रेड की टीम को गुरूवार को पवनी गोसीखुर्द रवाना हो गयी थी.

शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का दौरा था. दौरा कार्यक्रम खत्म होने के पश्चात शुक्रवार शाम में भंडारा फायर बिग्रेड की गाडी भंडारा वापिस पहुंची. गाडी के पहुंचते ही म्हाडा कालोनी में एक घर में लगी आग को बुझाने के लिए टीम को जाना पडा. यह आग बुझाने के बाद फायर बिग्रेड की टीम जलशुद्धिकरण केंद्र परिसर में तैयार थी. गनिमत रही है रात में 1.59 बजे जैसे ही जिला अस्पताल से फोन आया. मात्र 7 मिनट में फायर बिग्रेड की टीम अस्पताल पहुंची.

यह सोच कर भी डर लगता है कि अगर यही घटना एक दिन पूर्व याने गुरूवार रात में घटती. फायर बिग्रेड की की टीम भंडारा में मौजूद नहीं रहने की वजह से समय पर नहीं पहुंच सकती थी. ऐसे में घटना के अधिक प्रयलंकारी होने का खतरा था.