Bird Flu, Tumsar, Bhandara

पालांदूर. राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, मध्यप्रदेश के साथ ही महाराष्ट्र के परभणी जिले में कुक्कुट वर्गीय बर्ड फ्लू का प्रकोप बढ़ रहा है. पशुसंवर्धन विभाग ने इससे कड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है. मंगलवार को पालांदूर चौरास गांव में पोल्ट्री फॉर्म की 24 मुर्गियों की मृत्यु हो जाने से इसे बर्ड फ्लू का कंटेंटमेंट जोन घोषित कर दिया गया है.

उनमें से लगभग 3 मुर्गियों के सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं. इसके बारे में जांच करने के लिए लाखनी तहसील के बीडीओ जाधव और उनकी टीम पालांदूर में रात को आकर उस पोल्ट्री फार्म के परिसर को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया. उसी रात फिर से उसी पोल्ट्री फार्म के 55 मुर्गियों की मृत्यु हो गई है. पहले दिन 24 मुर्गियों को और दूसरे दिन सभी मुर्गियों को 6 फुट के गड्ढे में दफनाया गया है. मुर्गियों को दफनाते समय जिला पशु संवर्धन अधिकारी डा. नरेश कापगते, जिला पशु संवर्धन उपायुक्त डा. वायएस वंजारी, सहायक आयुक्त पशुसवर्धन डा. गाड़गे उपस्थित थे.

3 दिन तक मुर्गी नहीं बेचे

बर्ड फ्लू का खतरा देखते हुए पालांदूर के सभी मुर्गी व्यापारियों को 3 दिन तक मुर्गी नहीं बेचने के लिए कहा गया है. इसी के तहत ग्राम पंचायत प्रशासन ने गांव वालों को सतर्क किया है. पालांदूर चौरास कवेलवाड़ा मेंगापुर के लोगों को सलाह दी गई है कि वे बुधवार से पालांदूर परिसर में पोल्ट्री सेंटर में बर्ड फ्लू की संभावना को देखते हुए एहतियात के तौर पर अपने पालतु मुर्गियों और कबूतरों की देखभाल करें. जब तब बर्ड फ्लू की रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती तब तक उन्हें घर से बाहर न निकलने दें. उन सभी पशु पक्षियों को अपने संपर्क में ना आने दें. ऐसी निर्देश ग्राम पंचायत कार्यालय पालांदूर (चौरास) और कवेलवाड़ा / मेंगापुर ने दी है.