Ration Seized
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पालांदूर. कोरोना संकट के दौरान गरीबों को राहत देने केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से गेहूं व चावल के साथ अधिक अनाज वितरित किया जा रहा है. हालांकि कई लाभार्थी स्वयं अनाज का उपयोग नहीं कर बेच रहे हैं. हजारों क्विंटल राशन काला बाजार में बेचा जा रहा है. इसमें से लाखों रुपये की लेन-देन होने की चर्चा है.

कोरोना संकट ने कुछ महीनों के लिए पूरे कारोबार को गतिरोध में ला दिया. ग्रामीण क्षेत्रों में आम आदमी के साथ-साथ खेत मजदूर भी परेशानी से गुजर रहे थे. परिणामस्वरूप केंद्र व राज्य सरकारों ने कुछ हद तक मुफ्त खाद्यान्न देने की भूमिका निभाई. शुरुआत में 3 महीने के लिए धान वितरित करने के बाद यह घोषणा की गई थी कि नवंबर तक अनाज फिर से वितरित किया जाएगा. हर महीने हजारों टन अनाज वितरित किया जा रहा है, लेकिन कालाबाजारी करने वाले फिर से सक्रिय हो गए है.

आपूर्ति विभाग की अनदेखी

तहसील अथवा गांव स्तर पर बड़े राशन दूकानदार काले बाज़ार में गेंहू व चावल बेचते नज़र आते हैं. इसमें एक बड़ा रैकेट सक्रिय है. आपूर्ति विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है. जिसकी वजह से कालाबाजारियों के हौसले बुलंद है. तहसील कार्यालय के यूनिट रजिस्टर व राशन दूकान के यूनिट रजिस्टर में बड़ा अंतर है. जिलाधिकारी से इस संबंध में विशेष ध्यान देने की मांग कर रहे हैं.