उमस वाले क्षेत्र में ले सकते तुअर की फसल

भंडारा (का). जिले के अधिकतम किसान तुअर फसल का उत्पादन धान खेतों में खेत के किनारे करते हैं, लेकिन यह फसल पहाड़ी क्षेत्र, उंचे क्षेत्र एवं पानी की सिंचाई कम होनेवाली जमीन में भी ली जा सकती है, क्योंकि तुअर फसल को कम बारिश, ज्यादा उमस वाले क्षेत्र में भी किसान उत्पादन ले रहे हैं.

बाजार में तुअर की बड़े पैमाने पर मांग रहने से किसान तुअर फसल की ओर आकर्षित होते दिखाई दे रहे हैं. यह फसल लेने के लिए अभी से ही नियोजन शुरू करना चाहिए. जून महीने के दूसरे सप्ताह से एवं जुलाई के पहले सप्ताह तक के कार्यकाल में तुअर फसल की बुआई करनी चाहिए. इस कार्यकाल में बुआई करने से फसल अच्छी होती है.

बुआई करने पर सप्ताह भर बाद या अंकुर निकलते समय बारिश की आवश्यकता रहती है. इस दौरान बारिश आने पर जमीन से अंकुर ऊपर निकलने लगते हैं. तुअर फसल की जड़ें जमीन में जाते रहती हैं. इस दौरान तुअर फसल की सुरक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है.