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  • तिरोड़ी से नागपुर ट्रेन से गयी 58 वैगन रेत

भंडारा. कोरोना काल में पैसेंजर ढुलाई में कमी आने के बाद में भारतीय रेलवे ने आमदनी बढ़ाने की दृष्टि से नए-नए प्रयोग आरंभ किए है. इसी क्रम में हाल ही में तिरोड़ी से अजनी के लिए पहली बार 58 वैगन रेत ढुलाई की गई. रेलवे की नजर में यह एक ऐतिहासिक उपक्रम है. सफेद रेत के लिए प्रसिद्ध भंडारा जिले से रेलवे द्वारा रेत ढुलाई का प्रस्ताव कई बार दिया जा चुका है. अगर यह प्रस्ताव हकीकत में अमल में आता है तो इससे रेलवे की आमदनी तो होगी ही, वहीं दूसरी ओर ओवरलोड टिप्परों की मार से जिले की सड़कों को सुरक्षित रखा जा सकेगा.

भंडारा जिले में पूरे साल रेत उत्खनन होता है. सड़कों पर दिन रात रेत के टिप्पर दौड़ते रहते है. अवैध तरीके से हो रहे रेत उत्खनन एवं तस्करी संगठित है. जब जिले में वैध उत्खनन होता है, तब सरकार को करोड़ों रुपयों का राजस्व मिलता है. जब अवैध उत्खनन एवं ढुलाई होती है तो सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान होता है.

बदहाल हुई है सडकें

राष्ट्रीय महामार्ग भंडारा जिले से गुजरता है. लेकिन नागपुर से लेकर साकोली तक सड़कों की स्थिति भिन्न है. जहां भंडारा से साकोली तक की सड़क चिकनी एवं समतल है. इसके ठीक विपरीत भंडारा से नागपुर तक की सड़क बदहाल है़ ओवरलोड टिप्परों ने सड़क की दुर्दशा करके रख दी है. सड़क से जगह-जगह से डामर उखड़ चुका है.अवैध रेत तस्करी ने जहां सरकार को करोड़ों का राजस्व का नुकसान किया है. वहीं सड़क की मरम्मत पर अलग से करोड़ों खर्च करने पड़ रहे है.

ट्रेन से रेत ढुलाई संभव

जिले के रेत घाट से उत्खनन के पश्चात ट्रेन से ढुलाई हर दृष्टि से संभव है. इससे रेत घाट मालिकों को ढुलाई खर्च कम हो सकेगा. सड़कों की मरम्मत फिजूलखर्ची भी नहीं होगी. अलबत्ता इसके लिए जिले के राजनीतिक व्यक्ति एवं प्रशासन में बैठे अधिकारियों को दूरदर्शिता एवं व्यवहारिकता का परिचय देना होगा.

ट्रेनों का नेटवर्क बढेगा

जब कभी भंडारा जिले में रेल गाड़ियों के स्टापेज एवं या फिर रैक प्वाईंट बनाने की बात होती है, हर बार रेलवे का सवाल होता है कि इससे कितनी आमदनी होगी. इस स्थिति में जब केवल रेत ढुलाई से ही रेलवे को करोड़ों की आमदनी होगी. वैनगंगा, बावनथड़ी, चुलबंद एवं अन्य नदियों के रेत घाट से रेलवे स्टेशन नजदीक है.जमीन उपलब्ध कर रैक प्वाईंट बनाए जा सकते है. इन रैक प्वाईंट से रेत के अलावा कृषि उत्पाद भी भेजे जा सकते है. इससे भविष्य में भंडारा जिले में ट्रेनों का नेटवर्क बढाने में सहायता मिल सकती है.