कृषि विधेयक के खिलाफ कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान

  • कृषि उपज बाजार समिति से हुई शुरुआत

तुमसर. केंद्र सरकार द्वारा लागू किये गए कृषि विधेयक के खिलाफ क्षेत्रीय कांग्रेस द्वारा स्थानीय कृषि उपज बाजार समिति से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई.

प्रारंभ में कांग्रेस पदाधिकारियों द्वारा नए कृषि विधेयक से होने वाले नुकसान की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि, केंद्र सरकार के नए कृषि कानून से कृषि उपज मंडी समिति नष्ट हो जाएगी,  किसानों के माल को गारंटीकृत मूल्य नहीं मिलेगा, बाजार मूल्य उपलब्ध नहीं होगा, इससे मजदूर, बैरियर, बहीखाता, पोर्टल एवं अन्य लोग बेरोजगार हो जाएंगे, बाजार प्रणाली के टूटने से राज्य का राजस्व कम होगा, राज्य की आय कम होगी एवं ग्रामीण व कृषि विकास पर असर पड़ेगा. इस कारण तहसील एवं शहर कांग्रेस ने केंद्र द्वारा बनाए गए कृषि पर नए कानूनों को निरस्त करने की मांग करते हुए, कृषि उपज बाजार समिति, परिसर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है.

उन्होंने बताया कि, केंद्र सरकार के नए कानून के अनुसार, किसान को अनुबंध खेती के नाम पर धोखा दिया जाएगा एवं उसे अपने ही खेत में मजदूर बना दिया जाएगा.  तुमसर कांग्रेस समिति ने केंद्र सरकार द्वारा किसान विरोधी काले कानून के विरोध में सरकारी नियमों के अनुपालन में ‘किसान बचाव हस्ताक्षर अभियान’  का आयोजन किया गया है.

अभियान के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सेवादल के सचिव अरविंद कारेमोरे, प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रमोद तीतिरमारे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमरनाथ रगडे, जिला कांग्रेस महासचिव गौरीशंकर मोटघरे, रमेश पारधी, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा भूरे, तहसील कांग्रेस अध्यक्ष शंकर राउत, नगरसेवक बाला ठाकुर, नूतन भोले, करुणा धुर्वे, सीमा बड़वाईक, कान्हा बावनकर, नीरज गौर, सुरेखा शहारे, गनवीर, मते, कैलास बहरे, शुभम गभने, शिव बोरकर, दिलीप चोपकर आदि उपस्थित थे.