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  • भंडारा शहर में मरीजों की संख्या बढ़ी
  • लोग में बढ़ रहा है भय
  • जांच में विलंब भी रोगियों के बढ़ने के लिए का माना जा रहा कारण

भंडारा (का). जिले में कोरोना महामारी का फैलाव बहुत तेजी से हो रहा है. भंडारा जिले के शहरी इलाकों में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ना शुभ संकेत नहीं है. जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास के किए जाने के बावजूद  कोरोना के मरीजों में लगातार वृद्धि क्यो हो रही है, इस बात का चिंतन करने पर यह जानकारी सामने आयी है कि खर्रा खाने वालों के कारण कोरोना के मरीजों मॆं वृद्दि हो रही है. शहर के अधिकांश लोगों को खर्रा खाने का शौक है और खर्रा खाने वाले जगह- जगह पर थूंकते रहते हैं, थूंकने के कारण कोरोना के विषाणुओं का फैलाव हो रहा, इस वजह से भंडारा शहर में हर दिन कोरोना मरीजों का आकड़ा बढ़ रहा है.

अप्रैल माह में भंडारा जिले में कोरोना का पहला रोगी सामने आया था. लॉकडाउन में थोड़ी शिथिलता दिए जाने के कोरोना रोगियों की संख्या बढ़ने का जो सिलसिला शुरु हुआ, वह अब तक जारी है. कोरोना संकट बढ़ने का मुख्य कारण मॉस्क का प्रयोग करने के प्रति जागरूक न होना बताया जा रहा है. मॉस्क के कारण शरीर के ऑक्सीजन का स्तर कम होता है, लोगों में ऐसा भ्रम होने के कारण मॉस्क पहनने के प्रति लोगों का रुझान कम हो रहा है.

ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण अधिकांश लोग रास्ते पर चलते समय या भीड़ की जगह पर भी बिना मॉस्क के ही जाते हैं. भीड़ के स्थान पर सामाजिक दूरी का भान नहीं  रखा जा रहा है. खर्रा खाने के शौकीनों की भीड़ पान के ठेलों पर अक्सर दिखायी देती है. खर्रा खाने वाले जगह- जगह थूंकते हैं.

एक-दूसरे को कुछ देते समय हाथ न धोने, सामाजिक अंतर न रखने, मॉस्क न पहनने के साथ-साथ कोरोना महामारी को गंभीरता से न लेना कोरोना विषाणु का फैलाव हो रहा है. सोशल मिडिया पर कोरोना के बारे में तरह-तरह  बातें कही जा रही है. अस्पताल में मरीज का ध्यान नहीं दिया जा रहा. परिवार के किसी सदस्य से मुलाकात नहीं हो सकती. अस्पताल में अकेले ही रहना पड़ेगा, ये कुछ ऐसे कारण हैं, जिसके कारण लोग जांच से कतरा रहे हैं.