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भंडारा (का). पर्वों के देश भारत में सावन मास का अपना एक खास महत्व है. सावन को सबसे पवित्र माह क रूप में मान्यता मिली है, लेकिन कोरोना महामारी ने इस बार सावन मास में पड़ने वाले पर्वों की उमंग को भी कम कर दिया है. सावन माह में भगवान शिव के मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है. हालांकि इस बार इस बात की आशंका बनी हुई है कि सावन मास में शिव मंदिरों में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में कम श्रद्धालुओं का जमावड़ा होगा.

नहीं आए आदेश
हालांकि अभी तक मंदिरों को खोलने का सरकारी आदेश जारी नहीं किया गया है, ऐसे में इस बात की उम्मीद कम ही है कि मंदिर श्रावण मास में श्रद्धालुओं से उतना भरा नहीं रहेगा, जितना पिछले वर्ष था. सरकार का कहना है कि मंदिर में लोगों का जमावड़ा न होने, इसके लिए शासन तथा प्रशासन दोनों को मिलकर काम करना होगा. 

फलदायी होते उपवास
श्रावण मास में हर सोमवार को मंदिर के बाहर छोटी-मोटी फूल तथा हार की दूकानें लगाकर कुछ लोग अपना पेट भर रहे हैं. सावन के दिनों में किए गए उपवास विशेष रूप से फलदायी होते हैं. लेकिन इस वर्ष सावन मास में भी मंदिरों सन्नाटा फैला हुआ है.