Tur
File Photo

लाखांदूर. बदरीले मौसम की वजह से तुअर फसल को नुकसान होने की संभावना है. गत कुछ दिनों से मौसम में बदलाव की वजह से तुअर पर संकट मंडरा गया है. तहसील में 2,312 हेक्टेयर क्षेत्र की तुअर की फसल संकट में पड़ने की संभावना है.

जानकारी के अनुसार इस वर्ष खरीफ सीजन में धान की मुख्य फसल की बुआई के साथ ही किसानों ने अन्य फसलों की बुआई भी की थी. इसके अनुसार तहसील में निरंतर क्षेत्र के तहत लगभग 2,312 हेक्टेयर क्षेत्र में तुअर फसल बोई गई थी. फिलहाल पिछले कुछ दिनों से तहसील में बादल छाए है. इस वातावरण के कारण फुल पर दिखाई देने वाली तुअर की फसल में बीमारी का खतरा होने की संभावना है.

कीड़े लगने का भय

वर्तमान में इस फसल पर रोग या कीटों का प्रकोप नहीं है. हालांकि अगर अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहेंगे, तो आशंका व्यक्त की जा रही है कि तुअर की फसल संकट में आ सकती है. बाढ़, आंधी व बारिश ने इस साल खरीफ में तीन बार धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है. इसी तरह चूंकि किसान वैकल्पिक फसल के रूप में अरहर के उत्पादन से कृषि उत्पादन की लागत की भरपाई को निकालने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए कहा जा रहा है कि बादल छाए रहने के कारण हर जगह चिंता का माहौल है.