कोरोना, ब्लैक फंगस के बाद डेल्टा का खतरा,  अभी खत्म नहीं हुई है लड़ाई, प्लस से दो-दो हाथ करने की तैयारी

    भंडारा. कोरोना महामारी ने सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया है. अब कोरोना की नई प्रजाति डेल्टा प्लस ने लोगों की चिंता और ज्यादा बढ़ा दी है. भंडारा जिले में हालांकि अभी डेल्टा प्लस के मरीज नहीं मिले हैं, लेकिन अगर लापरवाही बरती गई तो आने वाले दिनों में जिले के लोगों को डेल्टा-प्लस का भी सामना करना पड़ सकता है.

    राज्य में डेल्टा प्लस के 9 जिलों में दस्तक 

    जिले में कोरोना रोगियों की संख्या में भी कमी आ रही है. वर्तमान में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 79 ही रह गई है. राज्य में डेल्टा प्लस के 9 जिलों में दस्तक देने के कारण अब इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि क्या भंडारा जिले में भी डेल्टा प्लस का आगमन हो सकता है. अगर बचाव संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया तो बहुत संभव है कि भंडारा जिला भी डेल्टा प्लस के मरीजों की सूची में शामिल हो जाए. न सिर्फ भंडारा बल्कि समूचे विदर्भ में अभी तक डेल्टा प्लस का आगमन नहीं हुआ है, लेकिन अगर लोगों ने बचाव के तरीकों की ओर ध्यान नहीं दिया तो डेल्टा प्लस के मरीज के सामने आने में देर नहीं लगेगी. भंडारा जिले में कोरोना की नई प्रजाति डेल्टा प्लस का फैलाव न हो, इसके लिए भंडारा जिले के स्वास्थ्य विभाग ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है. 

    भंडारा में अभी तक एक भी मरीज नहीं मिला : फारुकी

    डेल्टा प्लस प्रजाति वाले कोरोना का प्रसार बड़ी तेजी से होता है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि इसका एक भी रोगी भंडारा में आने न पाए. भंडारा के जिला शल्य चिकित्सक डा. रियाज फारुकी का कहना है कि हालांकि अभी तक एक भी ऐसा मरीज सामने नहीं आया है, जिसमें इस बात का पता लगा हो कि उसमें डेल्टा प्लस के लक्षण पाए गए हों. दो वर्ष से जिले में कोरोना महामारी के  59, 455 मरीज सामने आए. कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या लगातार लोगों को परेशान करती रही है.

    अभी खतरा टला नहीं

    उन्होंने बताया कि दो वर्ष की कालावधि में 4 लाख, 12 हजार, 657 व्यक्तियों का कोरोना टेस्ट किया गया. वर्तमान में कोरोना पाजिटिव रोगियों की संख्या में अच्छी खासी कमी आई है लेकिन अभी खतरा टला नहीं है, इस बात को ध्यान में रखते हुए सभी को बचाव के प्रति सतर्क रहना ही होगा.