Bhandara Janta Curfew

साकोली. कोरोना संक्रमण देश दुनिया में बढता जा रहा है. जिससे आम लोग दुखी एवं परेशान है. क्योंकि अभी सिर्फ ना कोरोना मरीज ही बढ रहे है बल्कि उसमें मृतकों का प्रमाण भी बढ रहा है. इससे सभी को सचेत रहना आवश्यक है. हालही में साकोली, तुमसर, भंडारा, गोंदिया हो या अन्य शहरों में नगरपरिषद के आह्वान पर जनता कर्फ्यू का कही 3 दिन तो कही 4-5 दिन का आयोजन किया जा रहा है.

क्या सफल रहा साकोली का आयोजन
साकोली नप. मुख्याधिकारी माधुरी मडावी के आह्वान पर साकोली सेंदूरवाफा में 11, 12 एवं 13 सितंबर को जनता कर्फ्यू लगाया गया था. शुक्रवार को बैंक तथा सरकारी कार्यालय खुले रहने से जनता सडकों पर घुमती नजर आई. वहीं 12 तथा 13 को जनता कर्फ्यू का असर दिखा.

व्यापारियों ने दुकान बंद रख जनता कर्फ्यू को सफल बनाया. लेकिन व्यापार बंद रखना ही सफलता नहीं है. क्योंकि कई व्यापारी शुक्रवार शनिवार को खरीदी के लिए भंडारा, गोंदिया, नागपुर गए. जहां पहले से ही कोरोना के मरीज ज्यादा है. तो ऐसा नहीं हो सकता कि उन्होंने दुकान के खरीदी के साथ साथ कोरोना को भी साथ में लाए होंगे.

दुकान में काम कर रहे कर्मचारियों का 3 दिन व्यापार बंद रहने से वह भी आसपास के गावों में रिश्तेदारी तथा मेल मिलाब के लिए गए भी होंगे. जबकि कुछ गावों में कोरोना के कई मरीज मिल रहे है तो उनसे या उनके परिवारवालों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क हुआ होगा. तो वह भी साथ में कोरोना ला सकते है.

जनता कर्फ्यू असफल
जनता कर्फ्यू का आयोजन करना असफल रहा. उसका दुसरा कारण साकोली तहसील में 62 ग्रापं. तथा 1 नप. है. जनता कर्फ्यू सिर्फ नप. में लगाया गया. शेष अन्य 62 ग्रापं. के 98 गावों में जनता अपने रोजमर्रा की तरह काम किया. ना कि घरो में रहकर कोरोना संक्रमण की चैन को तोडा तो ऐसा जनता कर्फ्यू का आयोजन का क्या फायदा इसलिए अगली बार जनता कर्फ्यू संपूर्ण साकोली तहसील या फिर संपूर्ण भंडारा जिले स्तर पर किया जाए की मांग जानकारों ने की है.

बढे मरीज
पिछले 8-10 दिनों से कोरोना के मरीज साकोली में कम पाए गए थे. लेकिन जनता कर्फ्यू के कारण बाहर के लोग साकोली आने या फिर साकोली के लोग बाहर से आने के कारण आज साकोली में इसलिए इस विषय में जानकारों का कहना है कि इस प्रकार छोटे छोटे 3-4 दिनों का जनता कर्फू लगाने के बजाए संपूर्ण देश में देश की हालत को देखते हुए 15 या 21 दिनों का लाकडाउन लगाया जाए.