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भंडारा. मार्च में कोरोना के कारण लॉकडाउन की घोषणा के बाद निर्माण क्षेत्र लगभग 4 से 5 महीने तक मंदी की स्थिति में था. कामकाज ठप हो गया और श्रमिकों का रोजगार भी डूबता चला गया. हालांकि अनलाक होने के बाद निर्माण क्षेत्र में सब ठीक होने की उम्मीद थी, किंतु निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण कोरोना काल के आर्थिक संकट से अभी तक व्यवसाय उबर नहीं पाया है. कोरोना संक्रमण इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मंदी का कारण बना था.

कोरोना के कारण घरों के निर्माण के साथ सार्वजनिक स्थानों का निर्माण भी बहुत प्रभावित हुआ. नतीजतन निर्माण सामग्री वैसे ही पड़ रही. अनलाक के बाद से निर्माण सामग्री की कीमतें बढ़ गई है. रेत, ईंट, सलाख व सीमेंट की बढ़ती कीमतों ने कई लोगों के मकान निर्माण के बजट को बढ़ा दिया है. बढ़ती सामग्री की कीमतों ने निर्माण को और अधिक महंगा बना दिया है. कई लोग योजना बनाने से चूक गए है. इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उनके पास मौजूद धन से घर का निर्माण कैसे पूरा होगा.