Ellora Mil Employees Strike 01

भंडारा. करडी परिसर के एलोरा पेपर मिल के कर्मचारियों का पिछले 3 महीनों से वेतन बकाया हैं. इसके साथ ओटी वेतन व बोनस वेतन नहीं मिला है. दिवाली निकट आने के साथ, कारखाना प्रबंधन के प्रति श्रमिकों द्वारा बार-बार मांग के बावजूद न्याय नहीं मिला. इन मांगों के लिए, सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय,भंडारा को एक निवेदन प्रस्तुत करके एलोरा पेपर मिल कृति समिति व राष्ट्रीय मजदूर मंच की ओर से न्याय की उम्मीद की गई.

मजदूरों की समस्या जस की तस

एलोरा पेपर मिल तालाबंदी के बाद शुरू हुआ.कारखाना प्रशासन ने तब से एक मज़दूर-विरोधी नीति बना रखी है. कई बार प्रबंधन ने श्रमिकों की मांग व सुविधा की ओर अनदेखी कर कारखाने को बंद कर दिया था. कामगार संगठन के दबाव व श्रम आयुक्त के बीच मध्यस्थता के बाद कारखाने को फिर से खोल दिया गया. लेकिन मजदूरों की समस्या जस की तस है.

2 दिनों पर दिवाली का उत्सव

एलोरा पेपर मिल देव्हाडा खुर्द के प्रबंधन मंडल ने श्रमिकों की मांगों को नजरअंदाज करने से कारखाने में काम करने वाले 150 श्रमिकों को अगस्त, सितंबर व अक्टूबर 2020 के महीनों के लिए उनका वेतन नहीं मिला. 3 महीने के वेतन के ओटी वेतन के साथ कारखाने की ओर एल.टी.चिकित्सा वेतन, ओटी वेतन व बोनस वेतन बकाया है. वेतन भुगतान को लेकर कई बार प्रशासक से मांग की गई. किंतु फिर भी मजदूरों को न्याय नहीं मिला. इसके कारण, दिवाली व दीपोत्सव जैसे त्यौहार 2 दिनों में है, और वेतन की कमी के कारण श्रमिकों को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है.

कामगारों को न्याय मिलना चाहिए इसलिए हालही में एलोरा पेपर मिल कृति समिति की ओर से निवेदन सौंपा गया. व शीघ्र न्याय मिलने की मांग एलोरा पेपर मिल कृति समितीके जिलाध्यक्ष डा. विनोद भोयर व राष्ट्रीय मजदूर मंच देव्हाडा खुर्द के अध्यक्ष झगडू बुद्धे की ओर की गई है.