65,658 farmers deprived of crop loans

भंडारा. खरीफ फसल के कर्ज के लिए किसानों को किसी भी बैंक का कर्ज उन पर नहीं है, इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देना पड़ता है. लॉकडाउन के काल में अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए किसानों को बैंक में बार-बार जाना पड़ रहा है. कुछ बैंकों ने तो अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए समय तय कर दिया है, प्रमाण पत्र देने का समय तय कर देने से वजह से भी किसानों को परेशान होना पड़ रहा है. किसान जिला बैंक के साथ-साथ राष्ट्रीयकृत बैंक से फसल कर्ज लेते हैं.

सोसाइटी के माध्यम से किसान अपना कर्ज प्रस्ताव पेश करते हैं. इसके लिए उन्हें विभन्नि प्रमाण पत्रों के साथ-साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र भी देना पड़ता है. इस वजह से किसान वर्तमान में विभन्नि बैंकों में अनापत्ति प्रमाण पत्र के  लिए भटकता दिखायी दे रहा है. लॉकडाउन के बाद अब अनलॉक-1 में भी बैंकों की हालत कुछ बदली नहीं है. 

भंडारा शहर के मोठा बाजार परिसर के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा ने अन्य बैंकों से अलग नियम बनाया है. अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए इस बैंक ने शाम 4 बजे आने का समय नर्धिारित किया है. बहुत से किसान सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं. चार पांच बैंकों में उन्हें प्रमाण पत्र लाना पड़ता है. तत्काल प्रमाण पत्र उन्हें मिला तो उसके समय की बचत होगी, लेकिन सेंट्रल बैंक के अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए पूरा दिन किसानों को खर्च करना पड़ रहा है.

मोहदुरा के कुछ किसान मंगलवार को सेंट्रल बैंक में अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आए थे, उन्हें बैंक की ओर से बताया गया कि वे शाम चार बजे आएं. किसानों ने अपनी परेशानी बेंक के मैनेजर को बतायी. लेकिन बैंक मैनेजर ने उनकी एक न सुनी. सर्फि सेंट्रल बैंक ही नहीं, अन्य बैकों की हालत भी कुछ अलग नहीं है. जिला प्रशासन अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए नीति बनाकर बैंकों को इस बावत सूचना दें, ऐसी मांग किसानों की ओर से की जा रही है.