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    लाखांदूर (सं). किसानों द्वारा खरीफ फसल के लिए खेती के मरम्मत के कार्य शुरू किए गए है. हालांकि दो दिन बाद याने इस महीने के 25 तारीख से बारिश के नक्षत्र शुरू हो रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्र में किसान खेत में धान और नर्सरी के बुआई के तैयारी में जुटे हुए दिखाई दे रहे है. हर वर्ष मई के 25 तारीख से बारिश के रोहिणी नक्षत्र के आरंभ से बारिश के मौसम की शुरुआत समझी जाती है. इस नक्षत्र के आरंभ में ग्रामीण क्षेत्र के किसानों में खरीफ फ़सल के बुआई की तैयारी शुरू की जाती है. हालांकि परंपरा के अनुसार खेती करने वाले किसान पक्षियों की हलचल से बारिश का अनुमान लगाकर फ़सल की तैयारी में जुटें जाने की चर्चा है.

    ग्रामीण क्षेत्र में कौएं की चोच में लकड़ी देखकर बारिश के नक्षत्रों के दौरान बारिश का अनुमान लगाए जाने की भी चर्चा है. हालांकि तहसील में खरीफ के मौसम में लगभग 28,000 हेक्टेयर क्षेत्र में धान फसल की रोपाई की जाती है. जबकि लगभग 7,000 हेक्टयर के करीब क्षेत्र में आवत्या धान सहित अन्य फसलों की बुआई की जाती है.

    इस दौरान रबी में लगभग 6,959 हेक्टयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान की फ़सल लगाए जाने के साथ ही फिलहाल फ़सल की कटाई और चुराई शुरू होने से तहसील के कुछ क्षेत्र के किसानों को खरीफ के तैयारी में जुटने में विलंब होने की चर्चा है. हालांकि सिंचाई सुविधा के अभाव में बारिश के पानी के आधार पर आवत्या धान सहित अन्य फसल का उत्पादन लेते हैं. किसान दो दिनो बाद बारिश के नक्षत्र शुरू होने से खेती के कार्यों में जुटे हुए है.