फसल कर्ज का इंतजार कर रहे किसान,  जिलाधिकारी को ध्यान देने की जरूरत

    भंडारा. अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत निवासी अधिनियम 2006 एवं 2008 के आदेशानुसार अधिग्रहित भूमि पर इस वर्ष खसरा का पंजीयन न होने से फसल कर्ज से वंचित होने की नौबत आ गई है. जिला प्रशासन से मांग की गई थी कि कृषि भूमि पर खसरे के पंजीकरण का आदेश दिया जाए ताकि फसल कर्ज को बढ़ाया जा सके. लेकिन सप्ताह बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है. इससे खुटसावरी के 9 किसान फसल कर्ज से वंचित हो सकते हैं. 

    तहसील के खुटसावरी के गुट नं. 300 व गुट नं. 106 की खेती जिला कलेक्टर के आदेशानुसार अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पारंपरिक वनवासी अधिनियम 2006 एवं 2008 के आदेशानुसार 2016 में प्राप्त हुई थी. तब से यह कृषि भूमि किसानों के स्वामित्व में है. इस स्थान पर फसल कर्ज लिया जाना है, जिससे उक्त  गुट के खेतों पर इस वर्ष खसरा का पंजीकरण नहीं किए जाने से फसल कर्ज लेने में परेशानी हो रही है.

    किसानों ने कर्ज के जरिए खेतों पर खर्च करने का सपना देखा था. हालांकि प्रशासन ने बताने पर कि अक्टूबर माह में कृषि भूमि पर खसरा दर्ज किया जाएगा. इससे किसान संकट में आ गए है. जिलाधिकारी को आगे आकर किसानों को न्याय देने  की मांग नंदकुमार पोटवार, मंगला पोटवार, भीमराव मेश्राम, कल्पना कांबले, महादेव खंडाते, यादोराव खंडाते, उदाराम खंडाते, मदन सयाम, हंसदास मांढरे आदि किसानों ने की है.