Kisan Rail, Bhandara

  • दिक्कतों का समाधान निकले तो भेजेंगे ज्यादा माल

भंडारा. किसानों को ध्यान में रखते हुए शुरू की छिंदवाडा से हावडा तक किसान रेल में बुधवार को दोपहर में भंडारा जिले से ढाई टन माल मिर्ची को कोलकाता भेजा गया था. सडक मार्ग की तुलना में 7 घंटे की बचत हुई. भाडा भी आधा लगा. इस सुखद अनुभव के बाद में स्थानीय किसानों द्वारा किसान रेल की अगली ट्रीप का इंतजार है. इस बीच किसान एवं सब्जी विक्रेताओं ने माल लादने की दिक्कतों का समाधान करने की उम्मीद जताई है.

माल लादने में हुई थी दिक्कत

भंडारा रोड रेलवे स्टेशन में जब किसान रेल पहुंची थी. किसानों ने गर्मजोशी से स्वागत किया था. बीटीबी सब्जी मंडी से बंडू बारापात्रे के नेतृत्व में 50 से अधिक किसान एवं सब्जी विक्रेता स्टेशन पहुंचे थे. चूंकि किसान रेल फ्लैटफार्म नंबर 3 पर आयी थी. स्टेशन पार्किंग से फ्लैटफार्म नंबर 3 तक कुल 2500 किलो मीर्ची के 58 बोरियों को पहुंचाने में पसिना छूट गया था. जिसके बाद किसानों ने सवाल किए कि अगर माल की मात्रा ज्यादा होगी तो माल को पहुंचाना संभव नहीं होगा.

सिधे 3 नंबर पर भेजने की सुविधा

किसानों के इस अनुभव के बाद में रेल अधिकारियों ने वैकल्पिक मार्ग से सिधे फ्लैटफार्म नंबर 3 तक पहुंचाने की सुविधा देने का वादा किया है. किसानों ने बताया कि इस व्यवस्था के बारे में एक बार जायजा लिया जाएगा. माल रखने के लिए भंडारण सुविधा की मांग किसान कर रहे है.

भेजेंगे ज्यादा माल

भंडारा सब्जी मंडी से प्रतिदिन सैकडों टन माल बाहर भेजा जाता है. दुर्ग, बिलासपुर, रायपुर के लिए नियमित गाड़ियां भेजी जाती है. किसानों ने बताया कि अगर प्रतिदिन किसान रेल की सुविधा मिलती है. वे बडी मात्रा में माल भेजने के लिए भी तैयार है.

23 घंटे में मिला माल

भंडारा से बुधवार को करीब देढ बजे ढाई टन माल रवाना किया था. मिर्ची व्यापारी ने बताया कि उसके खरीददार को ठीक 23 घंटे बाद में माल सही सलामत मिल गया. अगर सडक मार्ग से माल भेजा जाता तो 30 घंटे लगते एवं 17500 रु. खर्च होता. रेल से माल भेजने में 10000 रु. एवं 7 घंटे की बचत हुई.