पशुपालक लालखुरकत टीकाकरण, टैगिंग कराएं

  • जिला पशुसंवर्धन उपायुक्त ने किया आवाहन

भंडारा (का). केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अतंर्गत पशुओं को बिल्ले लगाकर लाल खुरकत रोग का टीकाकरण कार्य भंडारा जिले में शुरु किया गया है, इस टीकाकरण का लाभ जिले के पशुपालक उठाकर अपने पशुधन की रक्षा करें, ऐसा, आवाहन जिला पशुसंवर्धन उपायुक्त, डॉ. वाय.एस. वंजारी ने किया है.

लालखुरकत यह पशुओं को होने वाला विषाणु से होने वाला संक्रामक रोग है. पशुओं को बुखार आने, मुंह पर फोडे होने, पैरों के खुरों मॆं फोड़ा होने जैसे लक्षण दिखायी देते हैं. पशु अगर चारा, पानी का सेवन नहीं करेंगे तो कमजोर हो जाएंगे. कमजोर होने के कारण उन्हें रोग जकड़ लेते हैं और अगर बीमार पशु का उपचार सही समय पर नहीं हुआ तो उनकी जान भी जा सकती है. अगर पशु दुधारू हो तो उसके दुग्ध उत्पादन में भी कमी आती है.

केंद्र तथा राज्य सरकार के आदेश के आधार पर टीकाकरण से पहले पशुओं को बिल्ले लगाना जरूरी है. इस बिल्ले का उपयोग भविष्य में अन्य योजनाओं के लिए भी किया जाएगा. जिले में लालखुरकत टीकाकरण मुहिम को अमल में लाने के लिए जिलाधिकारी संदीप कदम की अध्यक्षता में जिलास्तरीय सनियंत्रण समिति की स्थापना की गई. इस समिति में आये पशुओं के बिल्ले की खरीदी बिक्री न करने के निर्देश पहले ही दे दिए गए थे. पशुपालक अपने पशुओं को बिल्ले लगाकर उनका टीकाकरण कराए, ऐसा आवाहन पशुसंवर्धन विभाग की ओर से  जिला पशुसंवर्धन उपायुक्त व जिला पशुसंवर्धन अधिकारी ने किया है.