Impact of Kovid-19: Not expensive, people want to buy a house that suits their budget

साकोली. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए देश में पिछले 3 महीनों के लॉकडाउन है. नप के तहत 477 लाभार्थियों को घरकुल मंजूर किए गए. किंतु अब तक उन्हें अनुदान वितरित नहीं किया गया है. जिसके कारण घरकुलों का कार्य अधूरा है. इसे देखते हुए तुरंत मंजूर घरकुलों का प्रलंबित अनुदान देने की मांग की गई है.

पहले चरण की मिली राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत ढाई लाख रुपये तक के खर्च का बजट वाले घरकुल मंजूर किए गए. शुरुआती कार्य पूर्ण होने पर लाभार्थियों को 40,000 से 1 लाख रुपये तक राशि दी गई. राशि मिलते ही कई लोगों ने काम के आगे के चरण की शुरुआत की. किंतु इसके बाद के चरणों की राशि नहीं मिलने के कारण घरकुलों का निर्माण अधर में है. नियम अनुसार पहला हफ्ता 40,000 रुपये, दूसरा हफ्ता 40,000 रुपये, तीसरा हफ्ता 20,000 रुपये, चौथा हफ्ता फिनिशिंग के लिए 1 लाख रुपये तथा अंतिम हफ्ते के रूप में 50,000 रुपये दिए जाते हैं.

किंतु शुरुआती राशि मिलने के बाद 477 लाभार्थियों को बाद के चरणों की राशि नहीं मिली है. केंद्र सरकार इस योजना के पैसे म्हाडा द्वारा नप, नपं एवं ग्रापं को भेजती है. लाभार्थियों ने अपने पुराने जर्जर मकानों को गिराकर घरकुलों का निर्माण शुरू किया है. बारिश शुरू होने से अब उन्हें सिर छुपाने के लिए जगह भी नहीं है. इसलिए जल्द समस्या का समाधान करने की मांग उन्होंने की है.