300 लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण, 36 पाठ‍्यक्रमों से 20,000 प्रशिक्षित जनशक्ति होगी उपलब्ध

    भंडारा. अगले तीन महीनों में कोरोना की स्थिति में आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल, नर्सिंग, पैरामेडिकल आदि के क्षेत्र में विभिन्न 36 पाठ्यक्रमों से 20,000 प्रशिक्षित जनशक्ति उपलब्ध कराई जाएगी. इसके लिए मुख्यमंत्री महा आरोग्य कौशल विकास कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों एवं उप मुख्यमंत्री अजीत पवार, कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री नवाब मलिक, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, जन स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख की उपस्थिति में किया गया. 

    भंडारा जिले ने 300 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य हासिल कर लिया है. जिला अस्पताल भंडारा में मुख्यमंत्री के हाथों 40 विद्यार्थियों को ‘आन द जाब’ प्रशिक्षण पद्धति का प्रशिक्षण शुरू हो गया है. उप जिला अस्पताल तुमसर, भंडारा पैरामेडिकल में 30 छात्रों का प्रशिक्षण भी उसी दिन शुरू हो गया है. उद्घाटन कार्यक्रम में भंडारा में अतिरिक्त जिलाधिकारी जीएच भूगांवकर, जिला शल्य चिकित्सक डा आरएस फारुकी, जिला सूचना अधिकारी रवि गिते, नोडल अधिकारी डा पीयूष जक्कल, अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा माधुरी माथूरकर, जिला कौशल्य विकास समन्वयक सोनु उके व प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे. 

    स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगी कुशल जनशक्ति 

    कोरोना प्रकोप के संदर्भ में स्वास्थ्य क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया गया है. सरकार इस क्षेत्र को पर्याप्त जनशक्ति प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. 8 जुलाई को शुरू की गई यह योजना स्वास्थ्य क्षेत्र को कुशल जनशक्ति प्रदान करेगी. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि स्वस्थ महाराष्ट्र के लक्ष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा. मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि समय की जरूरत को समझते हुए हम इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं. हाल ही में हुए अधिवेशन में पूरक की मांग कर स्वास्थ्य विभाग को सबसे अधिक राशि दी गई है. अब कौशल विकास विभाग द्वारा शुरू की गई पहल के माध्यम से इस जनशक्ति के निर्माण से राज्य में बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. 

    सभी जिलों में 500 प्रशिक्षण केंद्र 

    कौशल विकास, रोजगार व उद्यमिता विभाग की महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी द्वारा ‘सभी के लिए स्वास्थ्य’ नीति को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल जनशक्ति प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किया जाएगा. यह योजना उन उम्मीदवारों को पैरामेडिकल क्षेत्र में कौशल विकास प्रदान करके रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है जो स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक प्रशिक्षित जनशक्ति उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने के इच्छुक हैं.

    राज्य के 348 मेडिकल कालेज, सरकारी अस्पताल व सर्वश्रेष्ठ निजी अस्पतालों को प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में पंजीकृत किया गया है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षण के साथ-साथ आन-द-जाब प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. इसके लिए सभी जिलों में कुल 500 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे. 

    राज्य के युवाओं को प्रशिक्षण का लाभ लेने के लिए कौशल विकास विभाग के पोर्टल https://www.mahaswayam.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. सफलता के लिए जिला कौशल्य विकास, रोजगार व उद्योजकता मार्गदर्शन केंद्र के सहायक आयुक्त प्र.ग. हरडे के मार्गदर्शन में कौशल्य विकास, रोजगार व उद्योजकता मार्गदर्शन अधिकारी बी. के. निबांर्ते, जिला कौशल्य विकास समन्वयक सोनु उके, प्रशांत कोसरकर, आशालता वालदे, आय. जी. माटुकर तथा जिला अस्पताल के अधिकारी कर्मचारियों ने प्रयास किया.