वर्षा से धान की फसल को भारी नुकसान

पवनी (का). भंडारा जिले के अन्य स्थानों की तरह पवनी में भी मानसूनी वर्षा ने दस्तक दे दी है. पवनी तहसील में हर वर्ष ग्रीष्मकालीन धान की फसल ली जाती है. यहां की अनेक गांवों की कृषि जमीन काली उर्वरा है. हर वर्ष फसल के हाथ में आते ही प्रकृति कोप बरपता है. इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है.

पहले से ही कर्ज के बोझ के तले किसानों को सरकार की ओर से कर्जमाफी देने की घोषणा करने से राह तो मिली पर प्रत्यक्ष रूप से किसानों को कुछ नहीं मिला. कुछ फसलें खेतों में तैयार हैं, लेकिन उनकी कटाई अभी तक नहीं की गई है. देश का अन्न उत्पादक परेशानी में है. कोरोना काल में उसकी समस्या ने और विकराल रूप धारण कर लिया. प्रकृति की अवकृपा के कारण किसानों को जब आर्थिक संकट से जूझना पड़ता है तो उनकी व्यथा और बढ़ जाती है.