नाथजोगी समाज पर भुखमरी का संकट

बारव्ह (सं). लाखांदूर तहसील के कोदामेडी गांव में भूली भटकी जनजाति प्रवर्ग के अंतर्गत आने वाले नाथजोगी समाज के लोगों के 150 घर हैं. वर्तमान में गांव में इस समाज के 140 परिवार के लोग जीवन-बसर कर रहे हैं. लोगों का हाथ देखने तथा घर- घर जाकर भीख मांगकर उससे मिलने वाली धनराशि से अपना तथा परिवार के लोगों की उदरपूर्ति करने वाले नाथजोगी समाज के लोगों की हालत कोरोना काल में बहुत ज्यादा खराब हो गई. कोरोना काल में किए गए लॉकडाउन ने तो मानो इस समाज के लोगों के जीवन पर ही लॉक लगा दिया है.

पिछले सात से आठ माह से देश में कोरोना जैसी महामारी के खिलाफ जंग जारी है. यह जंग और कितने दिनों तक चलेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता. कोंदामेढी गाव में वर्तमान में 140 परिवार नाथजोगी समाज के हैं. लेकिन इन सभी परिवारों की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब है, इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए इस समाज के लोगों के हाथ में होना बहुत जरूरी है. कोरोना के बढ़ते मरीजों के मद्देनज़र अभी भी सावधानी बरतना जरूरी है, ऐसे में नाथजोगी समाज पर आया संकट अभी कितने दिनों तक रहेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता.