उपजिला अस्पताल में सुविधाओं की अनदेखी, प्रसूति गृह में बारिश का पानी जमा होने से मरीज परेशान

    तुमसर. स्थानीय सुभाषचंद्र बोस उप जिला अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं होना यह आम बात हो गईं है, लेकिन बारिश के दौरान प्रसूति गृह में महिला मरीजों के बेड के नीचे पानी जमा होने के कारण महिला मरीजों के साथ ही उनके रिश्तेदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. एक ओर टाइल्स एवं उस पर लबालब पानी भरा होने से महिलाओं को हमेशा गिरने का डर बना रहता है. 

    इससे महिला के साथ ही उसके नवजात शिशु की जान भी जा सकती है. इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को होने के बावजूद इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता नंदू रहांगडाले अस्पताल प्रशासन से इस ओर तत्काल ध्यान देने की मांग की गई है.

    पैर फिसलने से हो सकती है अनहोनी

    उन्होंने बताया कि कई बार अस्पताल में दवाओं के अभाव के चलते मरीजों की मौत होने के मामले सामने आ चुके हैं एवं अब पानी से पांव फिसलने के कारण अनहोनी घटना होने के प्रकरण सामने आ सकते हैं. तहसील मुख्यालय एवं मप्र से लगा होने से आसपास के लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में अस्पताल में सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. 

    वही अब बारिश का पानी अस्पताल में भरती मरीजों की परेशानी का कारण बन रहा है. रहांगडाले ने इस समस्या से शीघ्र छुटकारा दिलाने की मांग की है. उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ उपजिला अस्पताल में पहुंचकर जायजा लिया था. अनेक मरीजों से पूछताछ की गई. इसके पश्चात अस्पताल प्रशासन से मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.

    उन्होंने बारिश का पानी वार्ड में नहीं जमा हो इसका बंदोबस्त करने, मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवा कर बेड की व्यवस्था करने, अस्पताल में सोनोग्राफी डाक्टर की नियुक्ति करने, मरीजों के लिए समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने, महिलाओं की प्रसूति एवं आपरेशन के लिए निजी अस्पताल में नहीं भेजने एवं महिला रोग विशेषज्ञ अधिक समय अस्पताल में उपलब्ध कराने की मांग की गई थी. 

    साफ- सफाई का अभाव 

    अस्पताल परिसर की साफ- सफाई का जायजा लेने के बाद अस्पताल परिसर में गंदगी का आलम देखा गया है. कई प्रकार की समस्या अस्पताल में देखने को मिली थी. रहांगडाले ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल में व्याप्त समस्याओं का निराकरण कर मरीजों को राहत दिलाने की मांग की गई.