अवैध उत्खनन की भूमि कृषि योग्य नहीं, बिना अनुमति मुरुम की खुदाई

    भंडारा. तहसील के नांदोरा परिसर में गट नं. 580 से नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना किसी मंजूरी के मुरूम की खुदाई की गई. जमीन में 7_8 फीट गहरी खुदाई करने से जमीन फसल की बुवाई के लिए अनुपयुक्त हो गई है. इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा है. इसलिए नांदोरा निवासी सचिन गायधने ने तहसीलदार भंडारा को मुरुम उत्खनन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है.

    मौदा के एक ठेकेदार ने नांदोरा के गट नं. 580 के किनारे सत्तेभामा डोंगरे की साइट से 500 ब्रास मुरुम की खुदाई के लिए स्वीकृति मांगी गई थी. हालांकि, ठेकेदार द्वारा अनुमोदित समूह से 500 से अधिक ब्रास की मुरूम की मूर्तियों की खुदाई की गई थी. वहीं इस गुट की तरफ से सचिन गायधने गट नं. 580 से, मुरुम का अवैध रूप से खुदाई और चोरी की गई थी.

    जब रायल्टी धारक दिलीप दुपारे से पूछा गया तो उन्होंने झिझकते हुए जवाब दिया कि उसके पास रायल्टी है. खेतों में 7_8 फीट गहरा गड्ढा खोदने के बाद संबंधित ठेकेदार उपकरण लेकर फरार हो गए.

    मुरुम के अवैध उत्खनन ने कृषि भूमि को फसल की बुवाई के लिए अनुपयुक्त बना दिया है. जमीन को काफी नुकसान हुआ है. किसान असमंजस में हैं कि इन खेतों में धान की बुआई कैसे करें. बारीश के इस खरीफ मौसम में कृषि भूमि को पडीत रखने का संकट है. सचिन गायधने ने तहसील भंडारा से संबंधित ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई कर नुकसान की भरपाई करने का अनुरोध किया है. 

    नियमों का उल्लंघन

    गौण खनिजों की खुदाई करते समय केवल 3 फीट तक की खुदाई की अनुमति है. हालांकि संबंधित ठेकेदार ने लघु खनिज उत्खनन नियमों का उल्लंघन कर 7_8 फीट की खुदाई कर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाया है. राजस्व प्रशासन द्वारा इस ओर अनदेखी की जा रही है.