चप्राड गांव में हो रही अशुद्ध जलापूर्ति, वाटर फिल्टर प्लांट हुआ है निर्माण

    लाखांदूर. सरकार के राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत 2 वर्ष पूर्व तहसील के चप्राड गांव में वाटर फिल्टर प्लांट मंजूर किया गया. इसके बावजूद वाटर फिल्टर प्लांट द्वारा अशुद्ध पानी की आपूर्ति होने से चप्राड गांव के लोगों  में आक्रोश है. चप्राडवासियों ने स्थानीय ग्रापं प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शुद्ध पानी के आपूर्ति की मांग की है.

    चुलबंद नदी के कुएं से होती है पानी की आपूर्ति

    तहसील के चप्राड ग्रापं क्षेत्र में गांव के ही चुलबंद नदी में निर्माण किए गए कुएं से पिछले कुछ वर्षों से पीने के पानी की आपूर्ति की जा रही है.  गांव के ग्रामीणों को  कुएं से शुद्ध पीने के पानी की आपूर्ति के लिए  2 वर्ष पूर्व पुरक नल योजना एवं वाटर फिल्टर प्लांट का निर्माण कार्य मंजूर किया गया है.

    प्लांट के निर्माण में 88.73 लाख की निधि का खर्च

    सरकार के राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत वर्ष 2018-19 में तहसील के चप्राड गांव में कुल 88.73 लाख रु. की राशि पूरक नल योजना के कार्यों के लिए उपलब्ध कराई गई.   चप्राड के कुल 405 निजी नल धारक परिवारों को पीने के पानी की आपूर्ति की जा रही है. लेकिन   एक वर्ष पूर्व जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा निर्माण किए गए वाटर प्लांट से अशुद्ध पीने के पानी की आपूर्ति किए जाने का आरोप ग्रामीणों द्वारा स्थानीय ग्रापं प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में लगाया है.

    योजना के हस्तांतरण को सरपंच का विरोध

    जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा निर्माण किए गए वाटर फिल्टर प्लांट के तहत नलों में अशुद्ध पानी की आपूर्ति होने के कारण स्थानीय सरपंच ने इस योजना के हस्तांतरण पर विरोध जताया है.  योजना के तहत ग्रामीणों को शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की है.

    एलुम पाउडर के अभाव में अशुद्ध पानी की आपूर्ति: मिसार

    चप्राड में निर्माण किए गए वाटर फिल्टर प्लांट से ग्रामीणों को नियमित शुद्ध पीने के पानी की आपूर्ति की जा रही है. लेकिन कुछ दिनों पूर्व वाटर फिल्टर में पानी शुद्धिकरण प्रक्रिया में उपयोगी एलुम पाउडर नहीं डाले जाने से अशुद्ध पानी की आपूर्ति हुई है. हालांकि स्थानीय ग्रापं प्रशासन को यह पाउडर उपलब्ध किए जाने से अगले एक दो दिनों में शुद्ध पानी की आपूर्ति किए जाने की जानकारी ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अभियंता मिसार ने दी है.