Lockdown helpline Headache for officers made strange request in UP

  • हेल्पलाईन नंबर पर कॉल करने का आग्रह
  • मरीजों का किया जाएगा समुपदेशन

भंडारा. कोरोना (कोविड-19) के कहर को कम करने के साथ-साथ नागरिकों के मन के भय को दूर करने के लिए, पॉजिटिव मरीजों का इलाज समय पर किए जाने के लिए जिलाधिकारी संदीप कदम की अगुवाई में जिला सामान्य अस्पताल में हेल्प डेस्क तथा कॉल सेंटर शुरु किया गया है. इस सेंटर के माध्यम से मरीजों का समुपदेशन किया जा रहा है. नागपुर के बाद हेल्प डेस्क व कॉल सेंटर शुरु करने वाला भंडारा यह विदर्भ का दूसरा जिला बन गया है. समुपदेशन के साथ ही नागरिकों के मन में कोरोना के प्रति उपजे भय को दूर करने के लिए हेल्प डेस्क व कॉल सेंटर बहुत सहायक साबित होगा. 

 ‘टुगेदर वुई कॅन’ नामक सामाजिक संस्था के सहयोग से यह सेवा कार्यरत हुई है.  जिला सामान्य अस्पताल भंडारा में भर्ती होने के लिए मरीजों के इलाज के लिए हेल्प डेस्क की तरफ से सहायता दी जाती है. पॉजिटिव मरीजों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती हैं, ऐसे मरीज को एक मॉस्क तथा सैनिटाइजर संस्था की ओर से दिया जाता है.

गृह विलगीकरण में भर्ती मरीजों की सूची कॉल सेंटर तथा हेल्प डेस्क को उपलब्ध करायी जाती है. केंद्र के आधार पर मरीजों को एक, पांच तथा दसवें दिन कॉल करके मरीजों के तबियक के बारे में फिडबैक लिया जाता है. मरीजों को आने वाली परेशानियों  अडचणी तथा समस्याओं के बारे में जिला प्रशासन को अवगत कराके मरीजों को सेवा प्रदान की जाती है. स्वास्थ्य किट खरीदने जैसी आर्थिक स्थिति न होने के कारण गृह विलगीकरण में भर्ती मरीजों को थर्मामीटर, पल्स ऑक्सिमीटर तथा अन्य सामग्रियों वाली कीट संस्था की ओर से दी जाती है. इस किट का उपयोग करने के बाद मरीज वह किट संस्था को वापस करते हैं.

जिन गांवों में कोरोना पॉजिटिव मरीज बहुत ज्यादा संख्या में सामने आ रहे हैं, ऐसे गांव के सरपंच के पास स्वास्थ्य किट देने की व्यवस्था संस्था की ए ओर से की जाएगी. कॉल सेंटर में आने वाले कॉल को उत्तर देने  तथा उनका समुपदेशन करने के लिए तीन चरणों में कर्मचारी कार्यरत हैं. नागरिक  समुपदेशन के लिए 8421243585, 8421293585 इन मोबाइल नंबर पर संपर्क करे, तो कोविड हेल्प डेस्क सुविधा के लिए 8421353841 इस मोबाइल क्रमांक पर संपर्क करे, यह सुविधा मरीजों तथा अन्य नागरिकों के लिए उपलब्ध हैं.

टुगेदर वुई कॅन संस्था ने जिले के 16 एम्बुलेंस जीपीएस सिस्टम लगाया है.हेल्प डेस्क व कॉल सेंटर के कारण मरीज को सुविधाएं मिलने के साथ ही स्वास्थ्य सेवा का फिडबैक प्रशासन को मिलेगा.