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भंडारा (का). वाहनों में रिफ्लेक्टर न होने के कारण जिले में दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ गया है. जिले में होने वाली दुर्घटनाओं में से लगभग 80 प्रतिशत दुर्घटनाएं केवल मानवीय गलतियों के कारण ही होती हैं, ऐसा बताया जाता है, लेकिन यह भी जानकारी मिली है कि वाहनों में रिफ्लेक्टर न होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है.  इन दुर्घटनाओं को टालना संभव होने के बावजूद उसे टाले न जाने के पीछे के अनेक कारणों में से एक कारण यह भी है कि वाहनों में रिफ्लेक्टर लगाने के प्रति वाहनचालक ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं. महामार्ग पर बहुत से वाहन ऐसे हैं तो बिना रिफ्लेक्टर के बिना किसी रोक-टोक से चलाए जा रहे हैं.

ऐसे वाहनचालकों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जाती, ऐसा सवाल स्थानीय लोगों की ओर से उठाया जा रहा है. नियमानुसार वाहनों के दोनों ओर से और बड़ा वाहन हो तो चारों ओर से रिफ्लेक्टर या रेडियम की पट्टी लगना जरूरी होता है, लेकिन वाहनधारक इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते, इस वजह से वाहन दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है. रिफ्लेक्टर न होने की स्थिति में वाहनचालकों को पीछे से आने वाले वाहनों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती. नाके पर या शहर के चौराहे पर जब कोई वाहन रुकता है, उस वक्त रिफ्लेक्टर की जांच करनी चाहिए, अगर वह बंद हो तो वाहन चालक से दंड वसूल कर उसे शुरु करने तथा लगाने की मुहिम चलाने की आवश्यकता है.