corona
File Photo

  • कोरोना से भयभीत न हों नागरिक

भंडारा (का). सर्वसामान्य नागरिकों के स्वास्थ्य संवर्धन के लिए दो वर्ष पहले आयुष्यमान भारत प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना कार्यान्वित की गई थी. इस योजना के अंतर्गत 1350 रोगों का इलाज तथा ऑपरेशन नि:शुल्क किए जाते हैं. अब कोरोना महामारी के काल में इस योजना में कोरोना के उपचार को भी शामिल कर लिया गया है. कोरोना काल में आयुष्यमान भारत योजना कोरोना के उपचार के संजीवनी साबित हो सकती है. केंद्र सरकार ने आयुष्यमान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना का क्रियान्वयन 23 सितंबर, 2018 को कार्यान्वित किया गया.

इस योजना के अंतर्गत सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 के परिवारों के पांच लाख रूपए तक देश के मान्यता प्राप्त अस्पतालों में आपरेशन तथा इलाज के जरिए लाभ दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों झारखंड राज्य के रांची में इस योजना का दो वर्ष पूर्व शुभारंभ किया गया था. देश के दस करोड़, 47 लाख परिवारों को लाभ देने की यह महत्वाकांक्षी योजना है.

आयुष्यमान योजना के अंतर्गत अनेक परिवारों ने आज तक लाभ उठाया है. जब यह योजना कार्यान्वित हुई, उस वक्त कोरोना विषाणु का प्रादुर्भाव नहीं हुआ था. आज स्थिति यह है कि कोरोना पूरे देश में फैल चुका है. शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कारोना का फैलाव बहुत तेजी से हो रहा है. इस बीमारी से प्रभावित मरीजों का इलाज सरकारी अस्पताल के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी किया जा रहा है. निजी अस्पताल में इलाज कराने में भारी खर्च करना पड़ता है.

आयुष्यमान भारत योजना में अकेले भंडारा जिले में एक लाख, 34 हजार, 448 लाभार्थियों का पंजीयन किया गया था. इनमें शहरी क्षेत्रों में 15 हजार, 490 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख, 18 हजार, 958 लाभार्थियों का समावेश था. 1350 रोगियों पर उपचार तथा आपरेशन मुफ्त में करने के लिए यह योजना बनायी गई थी. इस योजना के अंतर्गत अब कोरोना के उपाचर को भी जोड़ दिया गया है.