तेल, गैस के दाम बढने से बढी महंगाई, बिगड गया है बजट,

    • महंगाई से राहत जरूरी

    भंडारा. कोरोना की महामारी और बढ़ती महंगाई दोनों सामान्य इंसान की  जेब पर भारी पड़ रही है.  इससे घर का आय-व्यय संतुलित करना बड़ा ही मुश्किल हो चुका है. इससे कई व्यापारियों को आर्थिक तंगी और कई मजदूरों को खाने के बिना रहना पड़ रहा है. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर से सामान्य इंसान का जीवनयापन मुश्किल कर दिया है. उसे बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. 

    एक सामान्य मजदूर जो दिन के 300 रु. कमाता है वह 1 दिन में अगर उसे बहुत लंबा जाना है तो वह 106 रु. मूल्य का एक लीटर का पेट्रोल कैसे खरीदें, यह समस्या उसके समक्ष है.

    महंगाई की आग में सामान्य इंसान पूरी तरीके से झुलस रहा है.  जीवनावश्यक वस्तुओं के साथ ही अन्य जूना शक्तियों के साथ ही अन्य ग्रुप वस्तुओं के भी दाम में बेतहाशा वृद्धि हुई है.  सबसे ज्यादा परेशानी लोगों को रसोई गैस एवं पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ने से हो रही है.  इसके अलावा हिंदी में कुकिंग तेल के दाम में भी काफी वृद्धि हुई है. 

    यह तीनों ही चीज है हर घर परिवार में आवश्यक है पुरुषों एक ही समय पर इन तीनों प्रमुख के दाम बढ़ने की वजह से आम व्यक्ति का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है. आमतौर पर मजदूर को 200 रु. से 300 रु. प्रतिदिन मजदूरी मिलती है.  अगर वह काम की खोज में 20 से 30 किलोमीटर भी जाता है, तो उसके आने जाने में 200 रु. का पेट्रोल खर्च हो जाता है.  ऐसे में क्या वह सिर्फ 100 रु. में अपना घर चला पाएगा? यह सवाल निश्चित रूप से चिंतनीय है और इस पर सरकार को भी सोचना चाहिए. 

    किसानी हुई महंगी

    महंगाई की वजह से किसानी भी काफी महंगी हो चुकी है.  बैलों की जगह अब ट्रैक्टर ने ली है और ट्रैक्टर को चलाने के लिए डीजल लगता है. डीजल के महंगा होने से ट्रैक्टर की सहायता से होने वाले कामों के दाम में भी काफी वृद्धि हुई है. बेचारे किसान को समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

    डीजल के दाम बढ़ने की वजह से वस्तुओं के परिवहन पर खर्च बढा है. इस वजह से महंगाई में भी काफी वृद्धि हुई है.  किराना से जुड़ी वस्तुएं भी काफी महंगी हुई है. कोरोना की महामारी के पश्चात वैसे ही हर व्यक्ति की आमदनी प्रभावित हुई है ऐसे में बढ़ती महंगाई की वजह से उसका जीना दुश्वार  होता जा रहा है. सरकार को चाहिए कि वह कुकिंग ऑयल एवं इंधन और रसाेई गैस के दाम में कमी करें. तभी जाकर आम व्यक्ति का जीवन खुशहाल हो सकता है.