Nana Patole

साकोली. गोवारी समाज के अनुसूचित जनजाति के लोगों को सुख-सुविधाएं देकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए आदिवासी गोवारी समाज संगठन की ओर से विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में विधानसभा अध्यक्ष से अपील की गई है कि समाज हो रहे अन्याय को दूर किया जाए.

गोवारी समाज की ओर से उस वक्त किए गए आंदोलन में 114 लोगों की जान गई थी. इस मामले में 14 अगस्त, 2018 को न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि गोवारी समाज को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र तथा जाति वैधता प्रमाण पत्र देने का निर्देश दिया था. लेकिन कुछ राजनीतिक, समाजिक तथा तथाकथित आदिवासी संगठनों ने इस बारे में बेवजह विरोध करना शुरु कर दिया.

इस बारे में गोवारी समाज के एक शिष्टमंडल ने तीव्र नाराजगी व्यक्त करके अपना पक्ष रखा और कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. आदिवासी गोवरी संघर्ष समिति, गोंडवाना की ओर से विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले को ज्ञापन सौंप कर न्याय दिलाने की अपील की है.

नाना पटोले को ज्ञापन सौंपने वाले शिष्टमंडल में आदिवासी गोवारी संघर्ष कृति समिति गोंडवाना संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्णा सरपा, दामोदर नेवार, सुंदर बक्चोरिया, दिनेश कोहले, प्रा. अनिल बोपचे, जगदीश शेंदरे, रूपचंद राऊत, प्रकाश फुत्रे, शंकर राऊत, बीना राम मानकर, देऊजी सोनवाने, शंकर वाघाडे, सेवकराम भेडे, वासुदेव राऊत, नाजुक नेवारे, भोजराम शेंदरे, तेजराम बाघाडे आदि का समावेश था.