Parinay Fuke

भंडारा. उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार गोवारी जनजाति को गोंडगोवारी अनुसूचित जनजाति का लाभ मिल रहा है. इसके अनुसार गोंडगोवारी अनुसूचित जनजाति मान्यता प्रमाणपत्र के लिए 12वीं विज्ञान की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों का मामला विभाग के पास लम्बित है. नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा का परिणाम 16 अक्टूबर, 2020 को जारी किया गया. इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा का परिणाम भी उपलब्ध है.

गोवारी वैधता प्रमाणपत्र वापस लेने के कारण छात्रों की मेडिकल, इंजीनियरिंग व अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए जाति वैधता प्रमाण पत्र आवश्यक है. गोवारी छात्रों को शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में प्रवेश से वंचित होने की संभावना है. इस कारण छात्रों को इस संबंध में न्याय मिलना चाहिए. इसके लिए 20 अक्टूबर 2020 को आदिवासी भाइयों ने मिलकर नागपुर में जनजातीय प्रमाण पत्र जांच समिति के कार्यालय गए और संयुक्त आयुक्त व उपाध्यक्ष से जल्द ही जाति वैधता प्रमाण पत्र जारी करने की अपील की.

प्रमाणपत्र जारी नहीं होने पर आंदोलन

चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रमाण पत्र नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने छात्रों को प्रमाण पत्र सौंपा. जिसके बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि शेष प्रमाण पत्र शीघ्र ही जारी किए जाएंगे. किंतु राजनीतिक दबाव में उपायुक्त ने जाति वैधता प्रमाणपत्र जारी करना बंद कर दिया है. यह बात गोवारी समाज के भाइयों ने विधायक फुके के सामने रखी.

विधायक फुके ने जल्द ही अपने मोबाइल पर उपायुक्त से पूछा कि उन्होंने प्रमाण पत्र क्यों नहीं दिया. विधायक फुके ने उपायुक्त को चेतावनी दी कि यदि इस सप्ताह जाति सत्यापन प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है तो आंदोलन तेज करेंगे. 

इस अवसर पर महाराष्ट्र आदिवासी गोवारी समाज संगठन अध्यक्ष कैलाश राऊत, सुरेंद्र राऊत, जयदेव राऊत,  सुरेश कोहले, हेमराज नेवारे, शालिक नेवारे,  संजय हांडे, शेखर लंसुते, माहेश्वरी नेवारे, योगेश नेवारे, बंडू गजभे, किशोर गजभे, प्रभाकर हुड, दत्तू राऊत, लक्ष्मणराव बोटरे, दत्तू सोनवाने, मंगेश नेवारे, गणपतराव आंबेदारे व अन्य आदिवासी बांधव बड़ी संख्या में उपस्थित थे.