Narsingh-Veer Singh yatra

तुमसर. दीपावली के बाद कार्तिक एकादशी पर्व से विदर्भ की छोटी पंढरी कही जाने वाली नृसिंह-वीर सिंह यात्रा की शुरुवात होती है. लेकिन इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण नृसिंह-वीरसिंह यात्रा न होने के आसार व्यक्त किए जा रहे हैं. वैनगंगा नदी के विस्तीर्ण तट पर माडगी में 15 दिवसीय धार्मिक आयोजन होता है. तुमसर तहसील के माडगी में वैनगंगा नदी के तट पर भगवान नृसिंह- वीरसिंह का विशाल मंदिर है. इस मंदिर में हर वर्ष कार्तिक एकादशी के दिन से 15 दिन का धार्मिक आयोजन होता है.

इस यात्रा में महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीगढ़ में भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण इस यात्रा के न होने के आसार नजर आ रहे हैं. माडगी में वैनगंगा नदी तट पर  विशाल मंदिर है. 200 फुट की शिला पर स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि भगवान नृसिंह तथा वीर सिंह ने यही अवतार लिया था. भगवान श्री राम जब वननास में थे, उस वक्त उनके चरण माडगी में पड़े थे.

समर्थ रामदास, संत तुकडो जी महाराज ङी इस मंदिर में पधार चुके हैं. अण्णा जी महाराज का माडगी में 40- 45 वर्ष निवास स्थान रहा. माडगी में हर वर्ष नृसिंह-वीरसिंह यात्रा का आयोजन किया जाता है. इस यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा मंदिर में जाकर नृसिंह- नीर सिंह का  दर्शन की लालसा पूरी करना आसान काम नहीं है. विदर्भ की छोटी पंढरी के रूप में इसका नाम है, अब देखना यह है कि इस वर्ष यह यात्रा होती है या नहीं.