लापरवाही: दुर्गंध के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरा, कचरापेटी के बाद भी सड़क पर कचरे

    भंडारा. शहर में कई चौक एवं वार्ड में कचरा डालने के लिए नागरिकों को कचरापेटी की सुविधा कर दी है. शहर में कई जगह कचरापेटी रहने के बावजूद भी कुछ नागरिकों की ओर से सड़क पर ही कचरा डालने की आदत हुई है. कुछ नागरिक तो नालियों में भी प्लास्टिक का कचरा डालते हैं.

    प्लास्टिक कचरा नाली में अटका होने से पानी जमा रहकर वह प्लास्टिक सड़ने से दुर्गंध फैलती है. परिसर के नागरिकों को इसका परिणाम होता है. स्वास्थ्य पर भी विपरीत परिणाम होता है. यह रोकने के लिए नागरिकों ने ही अभी कचरा कचरा पेटी में डालने की आदत रखनी चाहिए.

    शहर में चारों ओर फैली है गंदगी

     कचरा डालने की सुविधा रहने पर भी ऐसी लापरवाही करना यानी अपना शहर अस्वच्छता की ओर ले जाना है. शहर में सभी ओर गंदगी फैली है. प्लास्टिक कचरा फैला हुआ दिखायी देता है. इस कारण प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त होना स्वाभाविक है. शहर के अधिकतम जगह कचरा पेटी है. किंतु इस कचरापेटी में ध्यान देने पर वह खाली एवं आसपास कचरा दिखायी देता है. इसमें 50 प्रश  कचरा प्लास्टिक का रहता है. कई जगह आज भी कचरा डालने की सुविधा नहीं है. इस कारण इस क्षेत्र के नागरिक कचरा कहा डाले ऐसा सवाल उपस्थित करते हैं.

    सड़क पर जगह-जगह बिखरा है कचरा

    शहर में जगह-जगह कचरा बिखरा पड़ा है. इस कचरे के कारण फैले दुर्गंध से नागरिकों को परेशानी हो रही है. स्वच्छता अभियान के तहत हर जगह कूड़ेदान बनाया गया है. कचरा भी नियमित रूप से कूड़ेदान से निकाला जाता है. लेकिन कचरा हटाने के बाद, परिसर में 2 से 3 घंटे तक दुर्गंध फैली रहती है. इस पर उपाययोजना की मांग की जा रही है.

    शहर में जगह- जगह कचरे का ढेर दिखायी देने लगा है. नगर परिषद प्रशासन का इस ओर ध्यान न होने के कारण यह परिस्थिति पैदा हुई है. नगरवासियों ने इस ओर ध्यान देने की मांग की. कोरोना जैसा संक्रामक रोग न फैले इसके लिए किए जा रहे अनेक प्रयासों के बीच शहर में कचरे का ढेर एकत्र होने के कारण अन्य महामारी के फैलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है. 

    सर्दी, जुकाम, बुखार समेत अन्य बीमारियों के मरीजों की अस्पताल में हर दिन भीड़ उमड़ रही है. नगर परिषद प्रशासन की ओर शहर की साफ-सफाई की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है.