धान खरीदी के लिए सिर्फ 1 दिन, बारदाने के अभाव में रबी फसल की धान खरीदी पर लगा विराम

    भंडारा. सांसद सुनील मेंढे एवं  सांसद प्रफुल पटेल ने 1 जुलाई को अलग अलग पत्र जारी कर दावा किया कि धान खरीदी को केंद्र सरकार ने 31 जुलाई तक जारी रखने का निर्णय लिया है. स्वयं को किसान हितैषी बताकर इन नेताओं ने धान खरीदी मियाद बढ़ाए जाने का श्रेय लिया. लेकिन अब हकीकत सामने आ रही है कि जिले में धान खरीदी 15 जुलाई को खत्म हो जाएगी. जिला मार्केटिंग अधिकारी खर्चे ने भी इस बात की पुष्टि की है कि धान खरीदी 15 जुलाई तक ही जारी रहेगी. 

    आर्थिक संकट में है किसान

    केंद्र सरकार की तिथि 31 जुलाई एवं राज्य सरकार द्वारा निश्चित की गई अंतिम तिथि 15 जुलाई के पेंच में जिले का धान उत्पादक किसान की स्थिति अधमरा सा हो गया है. उसे यह नहीं सूझ रहा है कि किसकी बात पर भरोसा किया जाए.  मेंढे एवं  पटेल ने धान खरीदी की मियाद बढ़ाया जाने के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा जारी पत्र को भी साझा किया था. 

    80 लाख क्विंटल धान खरीदना है असंभव

    अगर सत्ताधारी नेताओं की बात माने तो पूर्व विदर्भ में 80 लाख क्विंटल के लगभग धान की खरीदी राज्य सरकार के 15 जुलाई तक  नहीं हो पाएगी. राज्य सरकार के इस निर्णय का खामियाजा पूर्व विदर्भ के भंडारा, गोंदिया, गड़चिरोली, चंद्रपुर, नागपुर जिलों को भुगतना पड़ेगा. गोदाम एवं बारदाना का अभाव तथा अन्य विविध कारणों से देर से शुरू हुई रबी की फसल की धान खरीदी अब अपने अंतिम दौर में है. धान खरीदी के अंतिम चरण में बारदाना का अभाव धान उत्पादकों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है.

    मांग के अनुरूप बारदाना उपलब्ध नहीं होने से धान बिक्री का काम ठप पड़ गया है. खरीफ फसल में विपणन महासंघ की ओर से खरीदे गए धान को रखने के लिए जगह ही शेष नहीं बची थी. इसमें मिलर्स ने पिसाई का मुद्दा उपस्थित कर दिया. दरवृद्धि की मांग करते हुए मिलर्स ने धान उठाया ही नहीं जिसका नतीजा यह हुआ कि गोदाम हाउसफुल हो गया. खरीफ फसल के वक्त सामने आयी समस्या इस बार भी सामने आयी है.

    19 मई से शुरू हुई धान खरीदी  

    जिले में हर वर्ष 1 मई से शुरू होने वाली धान खरीदी इस इस वर्ष 19 मई से शुरू हुई. उसके बाद भी धान उत्पादक किसानों को बहुत सी परेशानियों से दो-चार होना पड़ा. गोदाम का मुख्य सवाल रबी की फसल के धान को उठाने के संदर्भ में सामने आया. रबी की फसल में जिले में 138 समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों को मान्यता दी गई उनमें से 134 खरीद केंद्रों का उद्घाटन किया गया. लेकिन वास्तविक रूप से सिर्फ 132 केंद्र ही शुरू हुए. 2 केंद्रों का सिर्फ उद्घाटन ही हुआ. वहां धान रखने, बेचने का काम अभी भी शुरू नहीं हुआ है. 

    भेजा गया 10 लाख ही बारदाना 

    विपणन महासंघ ने 40 लाख बारदाने की मांग की थी. लेकिन पूरे भंडारा जिले के लिए 10 लाख बारदाना ही भेजा गया. ऐसे में अधिकांश केंद्रों में धान को खुले में रखना पड़ा.  धान खरीदी की अंतिम तिथि पहले 30 जून तय की गई थी. लेकिन उसे बढ़ाकर 15 जुलाई कर दिया गया. लेकिन बारदाने के अभाव में बंद पड़ी धान बिक्री फिर से शुरू करके उसे तय समय में पूरा कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है.  

    अभी तक विपणन महासंघ ने की 13.65 लाख क्विंटल धान की खरीदी 

    अब तक विपणन महासंघ ने 13.65 लाख क्विंटल धान की खरीदी की है. बताया जा रहा है कि अभी भी किसानों के घर पर धान पड़ा हुआ है. किसान बार-बार जाकर आधार केंद्रों पर धान बिक्री के बारे में पता करते हैं तो यह बात सामने आती है कि बारदाना नहीं होने से खरीदी का काम रुका हुआ है. 

    किसानों की हो रही है लूट 

    एक ओर बारदाना की कमी, केंद्रों में धान नहीं उठाई, तुलाई से परेशानी तो दूसरी ओर महंगाई की मार झेल रहे किसान समस्या में आया है. नाम नहीं छापने के शर्त पर एक किसान ने बताया कि मैं जब धान केंद्र पर बेचने के लिए ले गया तब वहां पर 1 क्विंटल के पीछे 100 रु. एवं 5 किलो धान अलग से लिया जा रहा है. ऐसा होने के बावजूद भी एक भी किसान एवं नेता आवाज नहीं उठा रहा है.

     निजी व्यापारियों को कम दाम में धान 

      एक अन्य  किसान ने बताया कि गोदाम एवं बारदाना का अभाव होने एवं घर में पड़ा धान कम दाम में मजबूरन निजी व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है. इसमें बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है. अभी तक 50 प्रश धान खरीदी शेष होने की जानकारी दी है. 

    धान खरीदी की अंतिम तिथि 15 तक  खर्चे

    भंडारा जिला मार्केटिंग अधिकारी खर्चे से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मेरे पास राज्य सरकार का पत्र 15 जुलाई 2021 तक धान खरीदी की अंतिम तिथि का है.