आक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य रुका, 2 माह में बना केवल फाउंडेशन

    लाखांदूर. कोरोना की तीसरी लहर में कोरोना संक्रमित मरीजों को आक्सीजन की असुविधा नहीं हो, इसलिए स्थानीय कोविड केयर सेंटर में पिछले दो माह पूर्व आक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य शुरू किया गया. लेकिन इस निर्माण के तहत केवल प्लांट के फाउंडेशन का निर्माण कर शेष कार्य बंद पड़ा होने से तीसरी लहर को रोकने के लिए कब होगा आक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य पूरा. ऐसा सवाल किया जा रहा है. 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील में कोरोना की दो लहरों के दौरान पाए गए कोरोना संक्रमित मरीजों पर इलाज के लिए स्थानीय लाखांदूर के सरकारी छात्रावास में कोविड केयर सेंटर शुरू किया गया है. इस सेंटर में सरकार द्वारा मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ विषयक विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध किए जाने से तहसील के लगभग 23,000 संक्रमित मरीजों पर सफलता पूर्वक इलाज किया गया है. 

    कोरोना की दूसरी लहर में देश में ज्यादातर मरीजों की आक्सीजन सुविधा के अभाव में मृत्यु होने से सरकार द्वारा आक्सीजन सुविधा उपलब्ध कराने पर ज्यादा जोर दिया गया. जिसके अनुसार सभी कोविड अस्पताल और सेंटर में आक्सीजन कांसेंट्रेटर, सिलेंडर, बॉयकॉप मशीन आदि विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध की गई हैं.

    74 बेड, आक्सीजन सिलेंडर एवं कंसंट्रेटर की सुविधा 

    तहसील में पाए गए कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए स्थानीय कोविड केयर सेंटर में मरीजों के लिए 75 बेड सहित लगभग 25 आक्सीजन कंसंट्रेटर, 60 सिलेंडर एवं 15 जम्बो सिलेंडर सहित रेमडेसिवीर इंजेक्शन, फैबिफ्ल्यू टैबलेटस एवं अन्य दवाइयां उपलब्ध की गई हैं. जिसके तहत सेंटर में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों पर सफलता पूर्वक इलाज किया जा रहा है.

    बच्चों के टीकाकरण की जांच एवं प्रशिक्षण 

    कोरोना की तीसरी लहर रोकने के लिए सरकार निर्देशों के अनुसार छोटे बच्चों के सभी टीकाकरण की जांच एवं स्वास्थ कर्मियों को टीकाकरण का प्रशिक्षण पूरा किया गया है. इतना ही नहीं स्वास्थ विभाग के तहसील के सभी स्वास्थ केंद्र एवं उपकेंद्रों के तहत 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों का टीकाकरण भी किया जा रहा है. कुल मिलाकर तहसील स्वास्थ केंद्र तीसरी लहर रोकने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुका है.

    प्लांट की मशीन, पाइपलाइन व शेड निर्माण की कमी 

    स्थानीय कोविड केयर सेंटर में मरीजों को आक्सीजन की कमी नहीं हो, इसलिए दो माह पूर्व आक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य शुरू किया गया है. इस निर्माण के तहत कोरोना संक्रमित मरीजों को 150 आक्सीजन बेड की सुविधा उपलब्ध की जाने वाली है. लेकिन पिछले दो माह से आक्सीजन प्लांट के तहत इस प्लांट में मशीन और शेड का निर्माण नहीं किए जाने से यह प्लांट कब पूरा होगा ? ऐसा सवाल किया जा रहा है. 

    इस हालात में सरकार ने शीघ्र दखल लेकर स्वास्थ विभाग के निर्देशों के अनुसार अगले कुछ दिनों में आने वाली कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए आक्सीजन प्लांट का अधूरा निर्माण कार्य पूरा होने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जा रही है.