राशनकार्ड धारकों को कोरोना होने का खतरा

  • जागृति नागरिक मंच ने शुरु किया बॉयोमेट्रिक मशीन के विरोध में आंदोलन

भंडारा. बॉयोमेट्रिक मशीन के कारण राशनकार्डधारकों कोरोना रोग होने की आशंका के मद्देनज़र जागृति नागरिक मंच ने आंदोलन शुरु किया है. मंच की ओर से कहा गया है कि सरकार से अपील किए जाने के बावजूद बॉयोमेट्रिक मशीन का उपयोग करके राशन कार्डधारकों को अनाज देने की व्यवस्था पर रोक नहीं लगी है. जागृति नागरिक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर.एम. आंबुलकर ने सरकार बॉयोमेट्रिक मशीन के प्रयोग के बारे में जबर्दस्ती कर रही है. आंबुलकर का कहना है कि सरकार की नीति के कारण राशनकार्डधारकों के स्वास्थ्य का खतरा उत्पन्न हो गया है.

राज्य के अन्न तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल को पत्र लिखकर जागृति नागरिक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाए. आंबुलकर ने बताया कि इस मुद्दे पर वे मनवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं.

कोरोना के कारण राज्य में मृत होने वाले मरीजों की संख्या में हर दिन वृद्धि हो रही है. कोरोना प्रभावित रोगियों की संख्या राज्य में 8 लाख से ऊपर पहुंच गई है. कोरोना के कारण कई लोगों के हाथ से काम चला गया. सरकारी राशन की दुकानों में बॉयोमेट्रिक मशीन का उपयोग करना कोरोना रोग को बढ़ावा देने की तरह ही है, यह जानते हुए भी राशन दुकानों में अभी-भी बॉयोमेट्रिक मशीन का उपयोग किया जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है. इस मुद्दे को लेकर जागृति नागरिक मंच ने आंदोलन छेड़ रखा है. विगत 1 अगस्त से बॉयोमेट्रिक मशीन को उपयोग में लाकर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशनकार्डधारकों को राशन देना फिर शुरु किया गया है.

राज्य में दो करोड़ से ज्यादा राशनकार्डधारकों को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से अनाज दिया जाता है. लेकिन अगर बॉयोमेट्रिक मशीन के माध्यम से राशन कार्ड का वितरण किया गया तो सभी राशन कार्डधारकों को कोरोना हो सकता है, ऐसा आशंका पूर्व उपजिलाधिकारी तथा जागृति नागरिक मंच के अध्यक्ष आर.एस.आंबुलकर ने भंडारा में आयोजित बैठक में व्यक्त की थी. अंगूठा लगाए बगैर किसी भी राशनकार्डधारक को राशन नहीं मिलता, ऐसे में अगर बॉयोमेट्रिक मशीन से धान्य वितरण प्रणाली को बंद नहीं किया गया तो उसके भयंकर परिणाम होंगे.

राज्य के अन्न तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल को भेजे गए पत्र में कहा है राज्य सरकार का यह निर्णय गलत है. इसलिए जागृति नागरिक मंच ने बॉयोमेट्रिक मशीन से राशनकार्डधारकों को राशन देना खतरे से खाली नहीं है.