No other train will run other than labor and special trains

  • रेलवे स्टेशन पर अभी है सन्नाटा

भंडारा. कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए रेलगाड़ियों के पहिए भी रुक गए थे. एक शहर से दूसरे शहर में जाने के लिए रेलगाड़ी ही ज्यादातर लोगों के लिए सहज साधन है, लेकिन रेलगाड़ी के रुकने से  रेलगाड़ी का सफर भी थम गया. भंडारा रोड रेलवे स्टेशन से हर दिन 16 गाड़ियों का परिचालन होता है.

भंडारा रोड अर्थात् वरठी रेलवे स्थानक जिले का प्रवेश द्वार कहा जाता है, यह मुंबई-हावडा रेल मार्ग को जोड़ने वाला यह मार्ग सरल सेतु है. इस मार्ग से चलने वाली हावडा मेल, समता एक्सप्रेस, विदर्भ, महाराष्ट्र तथा पुरी एक्सप्रेस सभी में आरक्षण कोटा फुल हो गया है.

रेल सूत्रों ने बताया है कि उक्त सभी गाड़ियों का आरक्षण कोचा फुल हो गया है. यानि अब इन गाड़ियों में सफर करना हो तो यात्री को अगले वर्ष यानि 2021 के सफर के लिए आरक्षित कराना होगा. साधारण टिकट तथा मासिक पास सुविधा बंद होने के कारण यात्रियों की संख्या स्टेशन पर नहीं के बराबर है, लेकिन रेलगाड़ी के अंदर यात्रियों की संख्या कम नहीं है. पहले टिकट काउंटर सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक रहता था, लेकिन वर्तमान में टिकट काउंटर सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक शुरु रहता है.

हावडा मेल, समता एक्सप्रेस तथा एक्सप्रेस में जून माह तक तथा विदर्भ और महाराष्ट्र एक्सप्रेस में आरक्षण दिसंबर माह तक फुल है. भंडारा रोड से मुंबई, हावडा की तरफ जाने वाली किसी भी रेलगाड़ी में आरक्षण उपलब्ध नहीं है.