Dhaan
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  • किसानों में फैली नाराजगी
  • दो अल्पकालिक ग्रेडर बदलने की समस्या पहले जैसी ही बनी हुई है

लाखांदूर. धान खरीदी संस्था के अंतर्गत खरीफ की फसल तक ही सीमित किए गए दो ग्रेडरों को नियमानुसार बदलते समय नियमों को धता बताकर निलंबित किए गए ग्रेडर को आधारभूत केंद्र काम देने के प्रति आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है. यहां घटना लाखांदूर की राइस मिल सहकारी संस्था में घटित हुई. निलंबित ग्रेडर  की पुर्नियुक्ति  को लेकर सर्वत्र आपत्ति उठायी गई है.

यहां के राईस मिल सह. संस्था के अंतर्गत पूर्णकालिक ग्रेडर के रूप में धनराज पाउल झगड़े को विगत ग्रीष्माकालीन धान खरीदी केंद्र में नियम बाह्य कार्रवाई करने के मामले में विगत 5 जून को निलंबित किया गया है. यह कार्रवाई इस संस्था के अंतर्गत तत्कालीन संचालक मंडल ने की थी. इस कार्रवाई के विरोध में निलंबित ग्रेडर की ओर से न्यायालय का द्वार खटखटाने की जानकारी मिली है.

इतना ही नहीं इस ग्रेडर के कारण पिछली फसल में संस्था की ओर से बारहव्हा, जैतपुर केंद्र पर नियमों का पालन न करते हुए किए गए कार्यों के लिए संचालक मंडल को दोषी बताकर विगत 26 अगस्त को संस्था के संचालक मंडल को अगले पांच वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया. इस आधार पर संस्था के कामकाज की देखरेख के लिए प्रशासक की नियुक्ति की गई है.

इस बार खरीफ की फसल में सरकार ने संस्था के अंतर्गत तहसील में चार आधारभूत केंद्र खोलने की मंजूरी दी है. इस मंजूरी के आधारभूत पर इस संस्था ने हाल ही में संस्थागत आधारभूत केंद्र पर ग्रेडर पर नियुक्ति भी की है. इस नियुक्ति के आधार पर पिछली फसल में कार्यवाहक ग्रेडर के तौर पर दो कर्मचारियों की नई नियुक्ति करके वहां कार्यरत दो व्यक्तियों को सेवा से हडाटा गया, जो नियमानुसार गलत हैं. संचालक मंडल ने निलंबित ग्रेडर को आधारभूत केंद्र का कामकाज कैसे दिया, यह सवाल सर्वत्र उठाया जा रहा है. संचालक मंडल से इस बारे में पूछताछ करने की मांग भी की जा रही है.