Dhaman Snake

पालांदूर (सं). खेत में मिले धामण सांप के पांच  बच्चों को सर्पमित्र ने जीवनदान दिलाया. लाखनी के गुरढा गांव में रहने वाले किसान हिवराज गोंदोले को अपने खेत में सांप के अस्त व्यस्त अंडे दिखायी दिए. किसान ने इसकी जानकारी सर्प मित्र को दी. किसान ने सर्पमित्र समित हेमणे, सुहान हेमणे तथा आदेश गोंदले को इस घटना के बारे में जानकारी दी.

इसके बाद सर्पमित्र उक्त किसान के खेत में गयाष खेत में 14 अंडे दिखायी दिए. 14 अंडों में से कुछ अंडे फूटे हुए थे. सर्पमित्र ने पांच अंडे सुरक्षित रूप से लेकर उसे कृत्रिम रूप से एक तकनीक के तहत विकसित किया. जब अंडों से सांप बाहर निकले तो पता चला कि वे धामण प्रजाति के हैं तथा विषैले नहीं हैं. 14 सितंबर को उक्त पांच अंडों से सांप के बच्चे निकले. बाद में उन्हे सर्पमित्रों ने जंगल में छोड़ दिया.

धामण विषैला सांप नहीं होता. इस प्रजाति की मादा सांप मार्च माह में 20 अंडा देता है. उनमें से 2-3 माह के बाद बच्चे बाहर आते हैं. सर्पमित्र ने समय रहते ध्यान नहीं दिया होता तो इस अंडों को दूसरे प्राणी अपना आहार बना लेते.