Representational Pic
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    भंडारा. हर किसी के जीवन में स्कूल का पहला दिन कुछ खास होता है. बच्चे ऐसे भी होते हैं जो अपनों से बड़ों को स्कूल जाते हुए देखते हैं. वं स्कूल जाने की उत्कंठा उनके मन में भी होती है. लेकिन जब वे पहली बार स्कूल जाते हैं. मानो उनके लिए यह किसी सजा से कम नहीं होता.बाकी बच्चों को रोता देख डर सहमे बच्चे शिक्षकों से अपना हाथ छुड़ा अपने माता-पिता से लिपट जाते हैं. अच्छा इंसान बनाने की पहली सीढ़ी स्कूल होती है.

    कोरोना महामारी के साये में जी रहे भंडारा जिले में पिछले साल की तरह इस वर्ष भी स्कूल बच्चों के बगैर शुरू होने जा रही है. 28 जून को भंडारा जिले में सभी सरकारी एवं निजी स्कूल शुरू होंगी. लेकिन बच्चे घर पर ही रहेंगे. केवल शिक्षकों को ही स्कूल में बुलाया गया है. इस संबंध में शिक्षण विभाग द्वारा निर्देश भी जारी किया गया है. 

     

    इस संदर्भ में शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षा संस्थाओं को सूचित किया है. इसके तहत प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में गर्मी की छुट्टी विदर्भ के लिए 27 जून तक घोषित की गई थी. गर्मी की छुट्टी बीतने के बाद 28 जून से  शैक्षणिक सत्र  शुरू हो रहा है. पहले दिन  स्कूल/जूनियर कालेज में केवल शिक्षकों को ही बुलाया गया है.

    इसके तहत पहली कक्षा से नौवीं एवं 11 वीं कक्षा के 50% शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी. जबकि 10वीं एवं 12वीं कक्षा के सभी शिक्षकों को बुलाया गया है. जबकि पूरे नान टीचिंग स्टाफ को उपस्थित रहने को कहा गया है. प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, प्रधानाध्यापक एवं कनिष्ठ महाविद्यालय के प्राचार्यों को स्कूल कालेज के पहले दिन उपस्थित रहना अनिवार्य होगा. 10वीं एवं 12वीं परीक्षा परिणाम सीमित समय में घोषित करना है. इसलिए सभी दसवीं और बारहवीं कक्षा में पढ़ाने वाले शिक्षकों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है.

    आनलाइन शिक्षा होगी शुरू

    कोराना की वजह से विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रहेगी. लेकिन उन्हें आनलाइन तरीके से पढ़ाया जाएगा. यद्यपि जिले में कहीं भी 28 जून से आनलाइन पढ़ाई प्रारंभ नहीं होगी. सूत्रों ने बताया कि स्कूल के पहले दिन प्रधानाचार्य एवं प्राचार्य शिक्षकों की बैठक लेकर आनलाइन एज्युकेशन के बारे में तैयारी करेंगे. कुछ स्कूलों में 1 जुलाई से आनलाइन पढ़ाई शुरू होगी.

    सीबीएसई में पढ़ाई प्रारंभ

    जिले की सीबीएसई पाठ्यक्रम की शालाओं में 20 मई से ही नए शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हुआ है. आनलाइन एज्युकेशन के पिछले महीने से भी ज्यादा समय हो गया है. जुलाई एवं अगस्त के दौरान तिमाही परीक्षाएं भी होंगी.

    कक्षा से 1 से 9 वीं तक छात्र किए गए प्रमोट

    कक्षा पहली से 9 वीं तक के सभी विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट किया गया. वहीं दसवीं, बारहवीं का परिणाम आना बाकी है. अभी भी कोरोना का खतरा टला नहीं है. हालांकि तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने नियम लगाए हैं. इस बीच अब आज से नए शैक्षणिक वर्ष की शुरूआत हो रही है. परंतु यह सत्र में आनलाइन ही होने से विद्यार्थियों में निराशा देखी जा रही है. 

    पिछले 1 साल से सटीक रूप से स्कूल नहीं चल रहे हैं. ऐसे में छात्रों का शैक्षणिक तौर पर काफी नुकसान हो रहा हैं. आनलाइन शिक्षा प्रणाली हानि की थोड़ी बहुत भरपाई तो कर रही है, लेकिन यह रिसोर्सेज की कमी की वजह से अब भी एक सटीक विकल्प तो नहीं माना जा सकता. ऐसे में आफलाइन स्कूल रिओपन को लेकर छात्रों के दिमाग में स्कूल कब खुलेंगे’ जैसा सवाल उपस्थित हो रहा है.