भाजपा की गुटबाजी पर शिवराम हुए भारी

  • भाजपा जिलाध्यक्ष बने शिवराम गिरीपुंजे,

भंडारा. अनुशासित भारतीय जनता पार्टी में पिछले कुछ समय से जो कुछ हो रहा था, उससे सभी आहत थे. गुटबाज़ी सिर निकाल रही थी. स्थानीय कार्यकर्ता वरिष्ठों के समक्ष अपना दुखडा व्यक्त कर रहे थे. स्वयं देवेंद्र फडणवीस भंडारा जिले के पदाधिकारियों के साथ अलग अलग बैठकें कर भविष्य की रणनीति का जायजा ले रहे थे कि अगर जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनाव में भाजपा की नाव करानी हो तो गुटबाज़ी से अगल एवं सभी को लेकर चलने की क्षमता रखनेवाले व्यक्ति को जिले की कमान सौंपनी होगी. अंतत: यही हुआ भाजपा में विगत 3 दशक से सक्रिय, भाजपा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय हस्तियों के साथ नज़दीकी रखनेवाले शिवराम गिरीपुंजे के नाम पर भाजपा श्रेष्ठी ने विश्वास जताया. सबसे रोचक बात रही है कि आख़िरी दिन तक बाला काशिवार एवं अन्य का नाम चर्चा में था. लेकिन आख़िरी मौके में शिवराम गिरीपुंजे के नाम पर मूहर लगी.

सहकार का अनुभव

शिवराम गिरीपुंजे यह उन चुनिंदा भाजपाईयें में शामिल है, जिनकी ग्रामीण पृष्ठभूमि एवं सहकारीता में सफल रहे है. किसान एवं कृषि विषयों से ज्ञान भी शिवराम गिरीपुंजे की पहचान रही है. सूत्रों की माने तो पार्टी श्रेष्ठियों के नजर साकोली, लाखनी एवं लाखांदुर क्षेत्र में थी. क्योंकि नाना पटोले के भाजपा छोड़ने के बाद सबसे बडी चुनौती इसी क्षेत्र से मिल रही है. विधानसभा चुनाव से जिले का तेली समाज भाजपा से दूर जा रहा था. शिवराम गिरीपुंजे को जिलाध्यक्ष पद सौंप कर भाजपा ने जातिगत बैलेंसींग बनाए रखने का प्रयास किया है. शिवराम गिरीपुंजे ने वर्ष 1999 एवं 2004 में विधानसभा चुनाव लडा था. लाखनी कृउबास के अलावा वे जिला दुग्ध संघ में तज्ञ संचालक के तौर पर कार्यरत है.

अनुभवी व्यक्तित्व का होगा लाभ : प्रदीप पडोले

शिवराम गिरीपुंजे की नियुक्ति का अभिनंदन करते हुए भाजपा निवर्तमान जिलाध्यक्ष प्रदीप पडोले ने कहा कि शिवराम गिरीपुंजे के लंबे अनुभव का पार्टी का लाभ होगा. पार्टी के सफल संचालन के लिए हम सभी उनके साथ में है.